भिवानी। भले ही टोक्यो पैरालंपिक में ताइक्वांडो की स्पर्धा में देश के लिए अच्छी खबर नहीं रही, मगर अरुणा तंवर के हौसले पर हर किसी को गर्व है। पहले मैच के दौरान ही अरुणा तंवर चोटिल हो गई थीं। देश को पदक दिलाने के लिए वह चोटिल होते हुए दूसरे मुकाबले में उतरीं। चोट ज्यादा होने के कारण डॉक्टर ने उन्हें तीसरे मैच में खेलने की अनुमति नहीं दी।
क्वार्टरफाइनल में अरुणा ने सर्बिया की जानकोविच को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली थी। अरुणा के अगले मैच में जीतते ही कांस्य पदक पक्का हो जाता, मगर पांव व हाथ में लगी चोटों के कारण चिकित्सकों की टीम ने उसे खेलने से मना कर दिया।
इसकी वजह से वह अब अगला मैच नहीं खेल पाएंगी। अरुणा की चोट और मैच न खेल पाने की सूचना मिलने पर उसके परिजन, कोच व शुभचिंकतों के चेहरे पर मायूसी छा गई। साथ ही हर कोई उसके हौसले को बार-बार सलाम कर रहा था। पांच सितंबर को वह टोक्यो से भारत लौटेंगी।
बार-बार आग्रह के बावजूद डॉक्टर ने नहीं दी इजाजत
टोक्यो से दूरभाष पर बातचीत के दौरान पैरा ताइक्वांडो खिलाड़ी अरुणा तंवर ने कहा कि मैं पहले मैच के तीसर राउंड में ही चोटिल हो गई थी, मगर मेरे सामने देश के लिए पदक जीतना अधिक जरूरी था। इसी को लेकर मैं लगातार खेलती रही और पहला मैच जीत गई। दूसरे मैच में पांव और हाथ पर सूजन और दर्द अधिक बढ़ गया, जिसकी वजह से हार गई। मैच के बाद चिकित्सकों की टीम ने अस्पताल में ले जाकर चेकअप किया और चिकित्सकों ने मुझे खेलने से मना कर दिया। चिकित्सकों ने पांव व हाथ में गंभीर चोटें बताईं, जिसकी वजह से मुझे अस्पताल में दाखिल करा दिया। बार-बार आग्रह करने बाद भी चिकित्सकों ने मुझे तीसरा मैच नहीं खेलने दिया, क्योंकि चोट ज्यादा है। मुझे लगा था कि तीसरा मैच जीतकर में देश को पदक दिला दूंगी। यह मलाल अगले ओलंपिक और अन्य प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन करके दूर करूंगी। मेरे देशवासियों, कोच, परिवार और शुभचिंतकों का दिल से आभार करती हूं।
पिता बोले : बेटी बढ़िया खेली, हारजीत चलते रहते हैं
अरुणा के पिता दिनोद निवासी नरेश कुमार ने कहा कि अरुणा ने हमेशा की तरह टोक्यो पैरालंपिक में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। वह पहला मैच जीत गई थी और अब तीसरा मैच जीतकर अपना पदक पक्का कर लेती। अरुणा के खेल से हम संतुष्ट हैं, चोट लगने के कारण वह हार गई। खेल में हार-जीत चलते रहते हैं, बस खिलाड़ी को हौसला नहीं हारना चाहिए।
भिवानी की आखरी उम्मीद थीं अरुणा
टोक्यो ओलंपिक में जिले से चार खिलाड़ियों ने प्रतिनिधित्व किया था। इनमें से अरुणा तंवर पैरा ताइक्वांडो की खिलाड़ी थीं। इससे पहले बॉक्सर मनीष कौशिक, बॉक्सर पूजा बोहरा, बॉक्सर विकास कृष्णन यादव हार चुके थे। अब वीरवार को चोटिल होने के कारण अरुणा तंवर भी मेडल से चुक गईं।
अगला मैच नहीं खेल पाएंगी
मैच के दौरान अरुणा चोटिल हो गईं। इसकी वजह से वह अगला मैच नहीं खेल पाएंगी। अरुणा ने अच्छा प्रदर्शन किया है। हमें उस पर गर्व है और अब भारत लौटने के बाद कुछ दिन आराम करके वह फिर से मैदान में उतरेंगी। आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी शुरू करवाई जाएगी।
- स्वराज सिंह, नेशनल कोच, ताइक्वांडो।