फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूक्रेन में फंसे भिवानी के विद्यार्थी : जो नकद डॉलर दे रहे, उन्हीं को पहले भेज रहे

विज्ञापन
हंगरी के शहर बुडापेस्ट में बनाए शेल्टर होम में अपने साथियों के साथ मेडिकल छात्र मनीष रंगा। विज्ञ? - फोटो : Bhiwani
विज्ञापन
भिवानी। रूस के बॉर्डर के नजदीक स्थित पैसों चीनू शहर के शेल्टर होम में 400 से अधिक मेडिकल स्टूडेंट ठहरे हुए हैं। शुक्रवार को शेल्टर होम दो गुटों में बंट गया, जहां एक गुट ने दूतावास की ओर से सकारात्मक मदद का हवाला दिया। वहीं दूसरे गुट के मुखिया प्रत्येक मेडिकल स्टूडेंट को 500 डॉलर के हिसाब से ट्रनोपिल शहर लेकर आया है। जिस स्टूडेंट के पास कैश में पेमेंट नहीं थी, उन्हें साथ लेकर जाने से मना कर दिया। वहीं स्टूडेंट का कहना है कि आम दिनों में इस दूरी के लिए काफी कम पैरे लगते है।
विज्ञापन

छोटूराम कॉलोनी निवासी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उनकी फोन पर केशव से बातचीत हुई है। इस दौरान केशव ने बताया कि शेल्टर होम में दो गुट बंट गए हैं। जिनमें से एक गुट के मुखिया ने उन्हें कहा कि शुक्रवार देर शाम या फिर शनिवार सुबह दूतावास की ओर से उन्हें ल्वीव शहर लेकर जाने के लिए बस भेजी जाएगी। ऐसे में कोई भी चिंता न करे। वहीं दूसरे गुट के मुखिया ने प्रत्येक स्टूडेंट से 500 डॉलर में बस के माध्यम से ट्रनोपिल शहर तक लेकर जाएंगे, जहां से दूसरी बस में उन्हें 150 डॉलर के हिसाब से ल्वीव शहर लेकर जाएंगे। केशव ने बताया कि उनके पास अधिक डॉलर की नकदी नहीं थी। ऐसे में उन्होंने गुट मुखिया को अकाउंट में पेमेंट करने की बात कही थी, मगर उन्होंने कैश में ही पेमेंट करने के कह दिया। इसकी वजह से वह नहीं जा पाया। वहीं स्नेहा और मुस्कान ने कैश पेमेंट की और वे बस में रवाना हो गए।
आठ घंटे में रोमानिया से नई दिल्ली पहुंची नेहा, परिजनों ने जताई खुुशी
शहर के आजाद नगर निवासी नेहा ने शुक्रवार सुबह करीब सात बजे रोमानिया से नई दिल्ली पहुंच गई है। नेहा की वतन वापस पर परिजनों ने खुशी जताई है। नेहा को नई दिल्ली एयरपोर्ट पर लेने के लिए उसके पापा अश्वनी कुमार और मम्मी गोमेद तंवर गए हैं। नेहा ने बताया कि वह यूक्रेन के शहर विनितसिया से मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। वह अन्य मेडिकल स्टूडेंट के साथ बस से रोमानिया आई, जहां उन्हें स्कूल में बनाए शेल्टर होम में ठहराया था। उसने रोमानिया से वीरवार रात करीब 11 बजे नई दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। सफर में करीब आठ घंटे लगे हैं। नेहा ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से हालात चिंताजनक रही है। इसकी वजह से वो ठीक से सो भी नहीं पाई। यूक्रेन में हुए हादसे कभी नहीं भूल पाएंगी।
विज्ञापन

तीन दिन से बुडापेस्ट में फ्लाइट का इंतजार कर रहे मेडिकल स्टूडेंट
जिले के गांव लालावास निवासी वेदपाल रंगा सीआरपीएफ में डिप्टी कमांडेंट की पोस्ट पर तैनात है। उनका बेटा मनीष रंगा यूक्रेन के शहर कीव में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। यूक्रेन में हालात बिगड़ने पर वे तीन दिन पहले हंगरी के बुडापेस्ट के सेफ हाउस में पहुंचे हैं। पिछले तीन दिनों से फ्लाइट न मिलने की वजह से मेडिकल स्टूडेंट चिंतित हैं। शुक्रवार को जब दूतावास से अधिकारी सेफ हाउस में मेडिकल स्टूडेंट से हालचाल जानने के लिए आए तो मेडिकल स्टूडेंट की उनके साथ कहासुनी हो गई। मेडिकल स्टूडेंट का कहना है कि तीन दिन से फ्लाइट न मिलने से उन्हें डर सता रहा है। ऐसे में दूतावास और सरकार उनके लिए फ्लाइट की व्यवस्था करें, ताकि वे अपने घर आ सके।
पोलैंड पहुंची जसिका राणा
लोहड़ बाजार घाटी जेलदार निवासी राणा दुष्यंत सिंह ने बताया कि उनकी बेटी जसिका राणा यूक्रेन के शहर खारकीव में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। जसिका राणा अन्य मेडिकल स्टूडेंट के साथ खारकीव से बस में पौलेंड पहुंच गई है। इसके बाद आगामी फ्लाइट में उसके दिल्ली आने की उम्मीद है। उन्हें फिलहाल दूतावास में ठहराया गया है। पौलेंड में काफी मेडिकल स्टूडेंट फ्लाइट का इंतजार कर रहे है।
पैदल चलने की वजह से नैना सिंह के पांव में आई सूजन
सेठ किरोड़ीमल राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य सविता घणघस ने बताया कि उनकी बेटी नैना सिंह यूक्रेन के शहर पोलतावा से हंगरी के शहर बुडापोस्ट तक बस में पहुंची है। नैना सिंह ने बताया कि बुडापेस्ट से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर उनकी बस खराब हो गई थी, जिसकी वजह से उन्हें अपने सामान के साथ पैदल ही चलना पड़ा। वे शेल्टर होम तक करीब 10 किलोमीटर की दूरी तय करके आई, जिसकी वजह से उसके पांव में सूजन आ गई। पांव में सूजन के कारण काफी दर्द हो रहे है। दर्द को कम करने के लिए दवाई ले रहे है। नैना सिंह ने बताया कि बुडापेस्ट के शेल्टर होम में काफी मेडिकल स्टूडेंट ठहरे हुए हैं। उम्मीद है शुक्रवार रात या फिर शनिवार सुबह वाली फ्लाइट में वे नई दिल्ली के लिए उड़ान भरे।

अपने परिजनों के साथ छात्रा नेहा। विज्ञप्ति- फोटो : Bhiwani

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें