अपने माता-पिता को कांवड़ में बिठाकर गंगा स्नान करा कर घर लाते ढाणी माहू के अशोक व दिनेश।
तोशाम (भिवानी)। रामायण में श्रवण कुमार की कथा का वर्णन मिलता है। इस बार सावन के महीने में ढाणी माहू के दो भाई श्रवण कुमार बनकर माता-पिता को कांवड़ में बिठाकर गंगा स्नान करा वीरवार को गांव लौटेंगे। दोनों के इस कार्य पर ग्राम पंचायत ढाणी माहू दोनों भाइयों व उनके माता-पिता को गांव पहुंचने पर सम्मानित करेंगे।
इस समय सावन का महीना चल रहा है। बड़ी संख्या में भक्त भोलेनाथ काे प्रसन्न करने के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, गंगोत्री आदि जगहों से कांवड़ में गंगा जल भरकर ला रहे हैं। ढाणी माहू निवासी बृजमोहन व उनकी पत्नी राजबाला की सावन माह में गंगा में स्नान करने की इच्छा हुई। यह इच्छा उन्होंने अपने दोनों पुत्रों अशोक और दिनेश के समक्ष रखी। इस पर दोनों पुत्रों ने तुरंत निर्णय लिया कि गंगा स्नान करवाकर कांवड़ में बैठाकर माता-पिता को घर लेकर आएंगे।
करीबन 300 किमी का सफर करेंगे तय
अशोक व दिनेश ने अपने माता-पिता की इच्छा को पूरा करने का निर्णय लिया। इसके बाद वे अपने माता-पिता को लेकर हरिद्वार पहुंच गए। इसके बाद माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर 19 जुलाई को गंगा घाट से लिए निकल पड़े। माता-पिता को स्नान कराने एवं मंदिरों के दर्शन कराने के बाद वीरवार को गांव पहुंचेंगे।