फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा में अब 1997 तक का इतिहास पढ़ेंगे स्कूली बच्चे

विज्ञापन
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी। संवाद - फोटो : Bhiwani
विज्ञापन
शिव कुमार
विज्ञापन

भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से जुड़े स्कूलों में बच्चे अब 1997 तक का इतिहास पढ़ेंगे। करीब 36 साल बाद इतिहास विषय के पाठ्यक्रम में 30 फीसदी तक का बदलाव किया जा रहा है। जिसमें आजादी के 50 साल बाद तक के इतिहास को शामिल किया गया।
इतिहास में बच्चे सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, भक्त सिंह जैसे देशभक्तों के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे, जबकि पहले इनके बारे में बहुत कम जानकारी दी गई थी। अब नए बदलाव के साथ पुस्तकों को कॉपी राइट के लिए भेजा गया है। नए सत्र में विद्यार्थियों को बदला हुआ पाठ्यक्रम पढ़ने को मिलेगा। कक्षा छठी से 10वीं तक की इतिहास की पुस्तकों में बदलाव किया गया है।
विज्ञापन

नए बदलाव में वैदिक इतिहास, महापुरुषों के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसमें पुराने भारत का बोध करवाया गया है। देश सोने की चिड़िया था, उसके बारे में बताया गया है। आजादी के बाद देश की उन्नति के बारे में बताया गया है। देश की उन्नति में कारगर बने संसाधनों की जानकारी दी गई है।
1986 में किया गया था बदलाव
आपातकाल के समय देशभर में वर्ष 1986 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री अर्जुन सिंह के कार्यकाल में इतिहास विषय के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया था। सूत्र बताते है कि 36 साल पहले किए गए बदलाव को फिर से बदला गया है और नई जानकारियां जोड़ी गई हैं। अब तक की इतिहास की पुस्तकों में मुगलों, अंग्रेजों के बारे में अधिक जानकारी दी है और सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह के बारे में संक्षिप्त में जानकारी दी गई है। नए बदलाव के तहत इन महापुरुषों के बारे में विस्तार से बताया गया है।
गुजरात के बाद हरियाणा करेगा बदलाव
इतिहास विषय के पाठ्यक्रम में गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान में पहले बदलाव किया गया है। गुजरात में 30 फीसदी तक पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया, जबकि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान में 15 से 20 फीसदी तक का बदलाव किया गया। अब हरियाणा में 30 फीसदी तक का बदलाव किया जा रहा है।
शिक्षा बोर्ड का होगा स्वामित्व, नहीं देनी होगी रॉयल्टी
अब तक स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाई जाती हैं, जिसके लिए बोर्ड को रॉयल्टी देनी पड़ती है। अब इतिहास विषय में बदलाव के बाद कॉपी राइट के लिए आवेदन किया गया है। जिसके बाद कोई भी इन पुस्तकों की कॉपी नहीं कर पाएगा और न ही हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को किसी प्रकार की रॉयल्टी देनी होगी। (संवाद)
विज्ञापन

बोस, आजाद, भगत सिंह के बारे में विस्तार से पढ़ाया जाएगा
छठी से 10वीं कक्षा तक के इतिहास के पाठ्यक्रम में 30 फीसदी तक का बदलाव किया जा रहा हैै। बच्चों को वैदिक इतिहास, महापुरुषों, देश की उन्नति के बारे में विस्तार से पढ़ाया जाएगा। सुभाषचंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह आदि देश के लिए कुर्बानी देने वालों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। अब तक इनकी संक्षिप्त जानकारी ही दी गई है।
प्रो. जगबीर सिंह, चेयरमैन, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें