भिवानी। अस्पताल के अंदर लगे सीसीटीवी की फुटेज ने एक पूर्व सैनिक की आत्महत्या के राज खोल दिए हैं। मामला 22 दिसंबर का है। अस्पताल में दाखिल एक पूर्व सैनिक ने वार्ड के पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने इत्तफाकिया मौत मामले की कार्रवाई की दी।
इसके बाद मृतक के बेटे ने जब अस्पताल के अंदर लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली तो अस्पताल स्टाफ की लापरवाही उजागर हो गई। मामले की शिकायत जूईकलां पुलिस थाने में दी। जिसके बाद पुलिस ने इस संबंध में बाबा योगी नेता नाथ अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया।
पुलिस को दी शिकायत में गांव राजगढ़ निवासी अजय कुमार ने बताया कि वह शिक्षा विभाग में बतौर क्लर्क कार्यरत है। उसके पिता ब्रह्मप्रकाश को थायराइड की दिक्कत के चलते 16 दिसंबर को बाबा योगी नेता नाथ अस्पताल लोहानी में दाखिल कराया था। वह रोजाना अस्पताल पहुंचकर अपने पिता का हालचाल जानता था और अपना फोन नंबर भी अस्पताल में दर्ज करा दिया था। गत 22 दिसंबर की सुबह आठ बजे गांव के सरपंच ने उन्हें सूचना दी कि उसके पिता ने खुदकुशी कर ली है। 21 दिसंबर की शाम छह बजे ही वह अपने पिता से मिलने के बाद घर गया था। उस समय उसके पिता की तबीयत सामान्य थी। उसने अस्पताल के अंदर लगी सीसीटीवी की फुटेज देखी तो पता चला कि उसके पिता ने वार्ड स्टाफ व नर्सिंग स्टाफ से कई बार तकलीफ बढ़ने पर हाथ जोड़कर मिन्नतें कीं, लेकिन वहां तैनात स्टाफ ने उसके पिता को नींद का इंजेक्शन लगाकर जबरन सुला दिया। इंजेक्शन का असर खत्म होने के बाद उसके पिता फिर से अस्पताल में तैनात कर्मचारियों से हाथ जोड़कर मिन्नतें करते रहे और वहां मौजूद स्टाफ ने उनकी एक नहीं सुनी। वार्ड में तैनात कर्मचारियों ने भी उन्हें नहीं संभाला। उसी वार्ड में दाखिल अन्य लोगों ने भी उनकी तकलीफ के बारे में स्टाफ सदस्यों को जाकर बताया, मगर इसका भी कोई असर नहीं हुआ। अजय ने आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज में देखने के बाद पता चला कि उसके पिता ने चार बार खुदकुशी का प्रयास किया, लेकिन इस बीच कई बार कर्मचारी भी वहां पहुंचे, मगर किसी भी कर्मचारी ने उसके पिता को नहीं रोका और न ही उनकी तकलीफ को समझा। उसके पिता को कई बार मिन्नतें करने के बाद भी बेइज्जत कर लौटा दिया। जिससे आहत होकर उसके पिता ने पंखे पर तार से फंदा डालकर खुदकुशी कर ली। पंखे से लटके होने के बावजूद भी उसके पिता को वहां मौजूद स्टाफ ने नहीं संभाला और उनके पिता की जान चली गई। अजय ने बताया कि उसके पिता पूर्व सैनिक थे। उसके पिता को थायराइड के अलावा कोई अन्य बीमारी नहीं थी। मगर उसके पिता को बचाने की कोई कोशिश अस्पताल प्रशासन व स्टाफ की तरफ से नहीं की गई। अस्पताल में उसके पिता की देखभाल की जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की थी। इस मामले की लिखित शिकायत जूईकलां पुलिस थाने में दी। वहीं पुलिस ने इस संबंध में अजय के बयान दर्ज कर बाबा योगी नेता नाथ अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है। पुलिस ने अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में ली है। जूईकलां पुलिस थाना एसएचओ विक्रांत ने बताया कि पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।