भिवानी। नगर परिषद घोटालों में सीबीआई की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। सीबीआई की जांच की दबिश से घोटाला करने वालों में हड़कंप मचा है। वहीं नगर परिषद शौचालय की भूमि मामले में सीबीआई संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है। सीबीआई के रडार पर सरकारी भूमि बेचने वाले कर्मचारी और जनप्रतिनिधि भी हैं।
ऐसे में सीबीआई संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर इन घोटालों की कड़ी दर कड़ी जोड़कर आगे बढ़ रही है। हालांकि अक्तूबर तक सीबीआई को कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश करनी है। मगर शुक्रवार तक सीबीआई की टीम भिवानी में रहते हुए घोटालों से जुड़े मामलों को तेजी से खंगालने में जुटी है।
भिवानी नगर परिषद में 2022 में एक के बाद एक घोटाले उजागर हुए थे। इसकी प्रारंभिक जांच भिवानी की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की गई थी। बड़े स्तर पर गड़बड़झाला मिला तो इन मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई। जिसके बाद अब ये मामला हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई को सौंपा हुआ है। सीबीआई की टीम भिवानी के रेस्ट हाउस में अलग-अलग घोटालों से जुड़े मामलों की जांच के लिए डेरा डाले हुए है। यहां पर दिनभर लोगों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जा रहा है। ये वो लोग हैं, जिनकी भूमिका इन मामलों से जुड़ी है।
ऐसे में कई लोग तो सीबीआई की जांच के बाद से ही भूमिगत हैं। क्योंकि शहर के शौचालयों की भूमि काफी लोगों द्वारा खरीद और बिक्री की जा चुकी है। अब कई ऐसे नाम भी सामने आ रहे हैं, जो लोग सीबीआई को ही नहीं मिल रहे हैं। शुक्रवार को भी सीबीआई की टीम भिवानी रहते हुए इन घोटालों से जुड़े मामलों को खंगालेगी।