भिवानी। नगर परिषद के घोटालों की जांच को लेकर सीबीआई के अधिकारियों ने भिवानी के रेस्ट हाउस में ही डेरा डाल दिया है। बुधवार को सीबीआई की टीम ने नगर परिषद की भूमि को खरीदने के मामले में अलग-अलग लोगों के बयान दर्ज किए हैं। शुक्रवार तक सीबीआई के अधिकारी भिवानी नगर परिषद से जुड़े अलग-अलग घोटालों की जांच करेंगे। सीबीआई के चार इंस्पेक्टर भी नगर परिषद के घोटालों की अलग-अलग जांच में जुटे हैं।
नगर परिषद में हुए घोटालों को लेकर पुलिस ने अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हुई हैं, जिसकी जांच भी सीबीआई की अलग-अलग टीमों को सौंपी गई है। मंगलवार को भी सीबीआई की एक टीम ने शहर में नगर परिषद के सार्वजनिक शौचालयों की जगह बनी दुकानों का मौका मुआयना किया था।
भिवानी नगर परिषद में करीब 200 करोड़ से अधिक का घोटाले में सीबीआई अपनी जांच में जुटी है। पिछले दो दिनों से सीबीआई के अधिकारी नगर परिषद भूमि के रिकॉर्ड को खंगालने के बाद मौके पर पहुंचकर जगह की तस्दीक में जुटे हैं, लेकिन बुधवार को रेस्ट हाउस में ही इस मामले से जुड़े लोगों के बयान अधिकारियों ने दर्ज किए हैं।
शुरुआत में ही सीबीआई अधिकारियों के हाथों अहम सुराग लग चुके हैं। इस आधार पर इन घोटालों में संलिप्त अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को फिर से जेल तक पहुंचाना आसान हो जाएगा।
नगर परिषद की संपत्ति के कई बार बदले मालिक, रिकॉर्ड से भी छेड़छाड़
नगर परिषद घोटाले में सीबीआई अधिकारियों के सामने यह बात भी सामने आई है कि राजस्व रिकॉर्ड और नगर परिषद रिकाॅर्ड में नगर परिषद की संपत्ति से व्यापक स्तर पर छेड़छाड़ हुई है। इसके आधार पर नगर परिषद की भूमि को बेचने के बाद कई बार उन संपत्तियों के मालिक भी बदले हैं। नगर परिषद की संपत्ति को खरीद और बिक्री करने वाले लोग भी अब सीबीआई के रडार पर आ चुके हैं। जिन्हें सीबीआई तलब करने में जुटी है।