भिवानी। पेरिस में चल रहे ओलंपिक मुकाबलों में भिवानी की दोनों महिला मुक्केबाजों को हार का सामना करना पड़ा है। जिससे दोनों ही ओलंपिक से बाहर हो गईं। दोनों की हार से खेलप्रेमियों में काफी निराशा है। साल 2008 के बाद से ही जिले में ओलंपिक का कोई मेडल नहीं आया है। ऐसे में ओलंपिक मेडल का सूखा खत्म करने के लिए दोनों मुक्केबाजों से जिले को काफी उम्मीदें थी।
मंगलवार का दिन हरियाणवी मुक्केबाजों के लिए काफी खराब साबित हुआ। क्योंकि मंगलवार को तीन हरियाणवी मुक्केबाजों का मुकाबला हुआ। इसमें तीनों को ही हार का सामना करना पड़ा। जिनमें भिवानी की महिला मुक्केबाज प्रीति पंवार, जैस्मिन लंबोरिया व रोहतक का मुक्केबाज अमित पंघाल शामिल हैं।
बीमार होने के कारण अभ्यास नहीं कर पाई प्रीति
मंगलवार देर रात को मुक्केबाज प्रीति पंवार के दूसरे राउंड का मुकाबला हुआ। इसमें प्रीति को कोलंबिया की मुक्केबाज से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद प्रीति ओलंपिक से बाहर हो गई। प्रीति के चाचा विनोद राजा ने बताया कि जब प्रीति ओलंपिक अभ्यास के लिए जर्मनी गई थी, उसे समय उसे पीलिया हो गया था। इसके कारण प्रीति को 10 दिन तक अस्पताल में दाखिल रहना पड़ा था। डॉक्टरों ने उसे खेलने से भी मना कर दिया था। इसके कारण प्रीति को अभ्यास के लिए पूरा समय नहीं मिल पाया था। अच्छी तरह से अभ्यास न कर पाने के बाद भी प्रीति ने पहले राउंड में बेहतर प्रदर्शन किया। लेकिन बीमार होने के कारण आई कमजोरी के कारण प्रीति ज्यादा समय तक अपने प्रतिद्वंद्वी का सामना नहीं कर पाई। इसके कारण मंगलवार रात को हुए मुकाबलों में प्रीति को हार का सामना करना पड़ा।
हार जीत खेल का हिस्सा, जैस्मिन ने किया अच्छा प्रदर्शन
मंगलवार रात को पेरिस ओलंपिक में जैस्मिन का पहले राउंड का मुकाबला हुआ। जैस्मिन का पहले राउंड का मुकाबला रोमांचक हुआ। हालांकि पहले ही राउंड में जैस्मिन को अपनी प्रतिद्वंद्वी फिलीपीन्स की मुक्केबाज से हार का सामना करना पड़ा। जैस्मिन पहले ही राउंड को क्लालिफाई नहीं कर पाईं और ओलंपिक से बाहर हो गई। पापा जयवीर ने कहा कि जैस्मिन का मुकाबला पिछले ओलंपिक में सिल्वर मेडल विजेता के साथ था, फिर भी जैस्मिन ने अच्छा प्रदर्शन किया। जीत-हार खेल का हिस्सा होते हैं। यदि किसी खेल में दो खिलाड़ी होंगे तो एक ही जीतेगा, दूसरे को हार का सामना करना पड़ेगा।