भिवानी। साहब हमारे वार्डों में न तो पीने के लिए साफ पानी मिल रहा है न ही बिजली सही से आती है। ठप सीवर लाइनों ने तो परेशानी और भी बढ़ा दी है। इसी तरह की शिकायतें लेकर वार्ड 11 से 20 तक के लोग मंगलवार को पंचायत भवन में लगे खुले दरबार में पहुंचे।
खुले दरबार में शहर की कई कॉलोनियों से लोग अपनी शिकायतें देकर आए। इन लोगों के माथे पर समस्या की शिकन थी तो हाथ में शिकायतों का पिटारा। प्रशासन के समक्ष पहले दी गई शिकायतें भी हाथों में थामे ये लोग समस्या के समाधान की गुहार लगाते दिखे। अधिकारियों ने भी उनकी समस्याएं सुनी और फिर उन पर संज्ञान लेने का भरोसा भी दिलाया। दिनभर में 20 समस्याएं खुले दरबार में रखी गईं।
खुले दरबार में वार्ड 11 से 20 तक के लोगों की समस्याएं सुनी गईं। अधिकारियों ने बताया कि जो भी समस्याएं खुले दरबार में आई हैं, उनका मौके पर जाकर जायजा लिया जाएगा, ताकि उन समस्याओं का सही तरीके से समाधान किया जा सके। उपायुक्त ने जनस्वास्थ्य विभाग पेयजल आपूर्ति के एसडीओ प्रवीण जांगड़ा के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी में सीवरेज से संबंधित एसडीओ, लोक निर्माण व बिजली निगम के एसडीओ, हुडा व नगर परिषद के जेई और सफाई निरीक्षक को शामिल किया है। इस दौरान पीपली वाली जोहड़ी, टिब्बा बस्ती व हनुमान ढाणी क्षेत्र के लोगों ने अधिकारियों को बताया कि उनके क्षेत्र में पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे लोगों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है। इसी प्रकार से शांति नगर व वाल्मीकि बस्ती के लोगों ने उनके क्षेत्र में सीवर लाइन जाम होने की समस्या रखी। शास्त्री नगर के लोगों ने एक ट्रांसफार्मर व एक बिजली के पोल को शिफ्ट करवाने की मांग की। खुले दरबार में करीब 20 लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र की बिजली, पानी, सीवरेज, सड़क, सफाई से संबंधित समस्याएं रखी। खुले दरबार में कमेटी के नोडल अधिकारी एसडीओ प्रवीण जांगड़ा, जेई वृजेश जावला, सीवरेज से संबंधित एसडीओ सूरज प्रकाश जैन व जेई विनित कुमार, बिजली निगम से एसडीओ अनुराग व जेई नितिन कुमार, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से जेई करुण कुमार, नगर परिषद से जेई मंदीप कुमार ने लोगों की समस्याएं सुनीं।
वार्ड 21 से 31 तक के लोगों के लिए खुला दरबार 22 अप्रैल को
कमेटी के नोडल अधिकारी एवं जनस्वास्थ्य विभाग से पेयजल से संबंधित एसडीओ प्रवीण जांगड़ा ने बताया कि वार्ड 21 से 31 तक के लोगों की समस्याएं सुनने के लिए पंचायत भवन में सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक खुला दरबार लगाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे उनके क्षेत्र से संबंधित समस्याओं के बारे में खुले दरबार में आकर बताएं ताकि उनका समाधान किया जा सके।
मेरे प्लॉट के आगे लगा दिए बिजली के पांच पोल, अब हटाने के मांग रहे रुपये
शांति नगर कॉलोनी की गली नंबर छह निवासी संतोष ने बताया कि उसके प्लॉट के आगे बिजली निगम ने पांच बिजली पोल लगा दिए। इसकी वजह से उसके प्लॉट में आने-जाने का रास्ता भी नहीं बचा है। उसने इन बिजली पोल को हटाने की शिकायत निगम अधिकारियों को दी तो उससे ही रुपये मांगे गए। पोल हटवाने के लिए भी उससे पैसा मांगना बिलकुल गलत है।
वार्ड 12 में सीवर लाइन ठप, घरों में आ रहा गंदा पानी, स्ट्रीट लाइट भी गुल
पंचायत भवन में वार्ड 12 की जनसमस्याओं को लेकर पहुंचे सत्यवीर सिंह, गोपालदास, राजू पंजाबी, सतीश कुमार, महेशचंद ने बताया कि उनकी गली नंबर 11 में सीवर लाइन ठप है। सफाई की कोई व्यवस्था नहीं। घरों के अंदर भी गंदा पानी सप्लाई में आ रहा है। स्ट्रीट लाइटें भी गुल हैं। पुरानी लाइटें भी गायब हैं। ब्लॉक से बनी गलियों का लेवल भी सही नहीं हैं। इन समस्याओं को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायतें कीं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
अमरूत में अधूरा पड़ा काम, बच्चों के लिए स्कूल वैन का नहीं रास्ता
बैंक कॉलोनी त्रिवेणी जोहड़ी क्षेत्र के लोग भी अपनी समस्या लेकर पंचायत भवन की बैठक में पहुंचे। क्षेत्रवासी हरिसिंह सांगवान, सतबीर ने बताया कि उनकी कॉलोनी में अमरूत योजना के तहत सीवर व पेयजल लाइन डालने का काम चल रहा था, जो अधूरा ही छोड़ दिया है। इसकी वजह से गली में जगह-जगह गड्ढे खोदकर छोड़े हुए हैं। गर्मी के मौसम में बच्चों की स्कूल वैन तक नहीं आ सकती है, ऐसे में बच्चों को भी स्कूल वैन के लिए दूर तक जाना पड़ता है। यहां आने-जाने का रास्ता भी नहीं बचा है। बड़ी परेशानी हो रही है। अधिकारियों को भी शिकायत दे चुके हैं, मगर किसी ने कोई सुनवाई नहीं की है।
वार्ड 14 में नहीं मूलभूत सुविधाएं
पंचायत भवन में वार्ड 14 के निवासी भी यहां की मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर पहुंचे। क्षेत्रवासी एकता, अश्वनी कांगड़ा ने बताया कि वार्ड 14 की आंबेडकर कॉलोनी, वाल्मीकि कॉलोनी, कोयला भट्टी, पीपलीवाली जोहड़ी, इंद्रा नगर, खातीवासिया मोहल्ला व हनुमान गेट क्षेत्र में सीवर, पानी की सप्लाई, स्ट्रीट लाइट के अलावा मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। कई बार यहां के लोग प्रशासन के समक्ष अपनी मांग उठा चुके हैं, मगर समस्या हल नहीं हुई।