एसीजेएम अमित गौत्तम की अदालत के आदेश पर सदर पुलिस ने गांव मामला निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ हत्या प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। गांव बामला निवासी संदीप कुमार ने सदर पुलिस को शिकायत दी।
इसमें उसने बताया कि गत 28 अक्तूबर 2022 की रात साढ़े आठ बजे वह गांव की एक दुकान पर घरेलू सामान लेने गया था। इसी दौरान गांव के ही कुछ लोगों ने उसका रास्ता रोककर उस पर ईंट, रॉड से हमला किया। कुछ ग्रामीणों ने उसे आरोपियों के चंगुल से छुड़वाया और फिर इलाज के लिए नागरिक अस्पताल लाया। जहां से उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।
संदीप का आरोप था कि उसी दिन आरोपी उनके घर में भी घुस गए थे और सदस्यों से मारपीट की थी। संदीप ने बताया कि पंचायत चुनाव के दौरान आरोपी पक्ष के सदस्य का समर्थन नहीं देने पर रंजिश रखने लगे और इसी के चलते आरोपियों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
उसने आरोप लगाया कि उसके खिलाफ एक महिला से झूठी शिकायत दिलाकर उसके खिलाफ झूठा केस भी दर्ज करा दिया। संदीप ने बताया कि 26 अक्तूबर को उस पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। इस संबंध में उसने खरक कलां पुलिस चौकी में भी 29 अक्तूबर को शिकायत दी। मगर पुलिस ने कुछ नहीं किया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की। पुलिस ने सिर्फ सात इक्यावन का पर्चा दे दिया और संदीप के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज की गई। जबकि उसे गंभीर चोटें मारी गई थीं। इस संबंध में 26 नवंबर को पुलिस अधीक्षक और सदर एसएचओ को भी शिकायत दी। लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद 11 सितंबर को भी फिर पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी। मगर कोई कार्रवाई आरोपियों पर नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। अब न्यायालय के आदेश पर सदर पुलिस ने संदीप की शिकायत पर आरोपी गांव बामला निवासी अनिल, सुरेश और मनीष के खिलाफ हत्या प्रयास सहित संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।