हरियाणा में परिवार पहचान पत्र से जोड़ने के बाद सालाना आमदनी के लिहाज से अब रोजाना ही गरीब परिवार घट और बढ़ रहे हैं। हरियाणा परिवार पहचान पत्र पोर्टल पर भी रोजाना गरीब परिवारों का डाटा अपडेट हो रहा है। सभी गरीब आयुष्मान भारत योजना के पात्र नहीं हैं। क्योंकि स्टेट हेल्थ अथॉरिटी के पोर्टल पर अधिकांश गरीबों का तो सूची में नाम ही शामिल नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग सिर्फ उन्हीं के आयुष्मान कार्ड बना रहा है, जिनका स्टेट हेल्थ पोर्टल पर नाम दर्ज है।
मानव सूचना एवं संसाधन विभाग हरियाणा के परिवार पहचान पत्र पोर्टल पर प्रत्येक परिवार को एक यूनिक नंबर मिला है। इस यूनिक फैमिली आईडी से ही गरीब और पात्र परिवारों का सरकारी योजनाओं के लिए चयन अब ऑनलाइन हो रहा है। जिला मुख्यालय पर कोई भी विभाग अब सीधे किसी भी पात्र को लाभ नहीं पहुंचा सकता है।
ऐसे में पोर्टल पर रोजाना ही गरीबों का डॉटा अपडेट हो रहा है, जिससे एक असमंजस यह भी है कि जो गरीब परिवार की सूची में हैं, ये अब आयुष्मान कार्ड भी बनवाने की चाह रखते हैं, लेकिन स्टेट हेल्थ के पोर्टल पर उनका नाम तक नहीं है। ये परिवार कभी कैंपों में तो कभी स्वास्थ्य विभाग के चक्कर भी लगा रहे हैं।
प्रदेशभर में जिला वार अगर आयुष्मान कार्ड बनाने की बात करें तो सबसे अधिक हिसार जिले में अब तक हेल्थ कार्ड बने हैं। हिसार में 826289 कार्ड बन चुके हैं, जबकि प्रदेश में सबसे कम पंचकूला में बने हैं। पंचकूला में एक लाख 52 हजार 441 आयुष्मान कार्ड ही बने हैं।
अब तक प्रदेश के इन जिलों में बन चुके हैं इन परिवारों के आयुष हेल्थ कार्ड
जिले का नाम- कुल गरीब परिवार- अब तक बने कार्ड- लंबित कार्ड
हरियाणा राज्य स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से अब तक करीब 75 फीसदी पात्र परिवारों के आयुष्मान भारत स्वास्थ्य हेल्थ कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि हेल्थ कार्ड बनाने का कार्य निरंतर जारी है। स्टेट हेल्थ पोर्टल पर जिन परिवारों की सूची जारी है, सिर्फ उन्हीं के आयुष्मान योजना के हेल्थ कार्ड बन रहे हैं। इस संबंध में प्रत्येक ग्राम में सरपंचों व आशा वर्करों का भी सहयोग लिया जा रहा है। पात्र परिवारों की सूची भी आशा वर्करों को मुहैया कराई गई हैं, ताकि बचे हुए परिवारों के आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनाए जा सकें। -डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन भिवानी।