भिवानी। अब नए शिक्षा सत्र 2024-25 में प्रदेशभर के सभी जिलों में बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूलों में बच्चों के दाखिला नहीं होंगे। शिक्षा निदेशालय ने इसकी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारियों को सौंपी है।
निदेशालय ने सख्त निर्देश दिए हैं कि बिना मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र से बच्चों के दाखिला नहीं कराने के प्रति अभिभावकों को सचेत किया जाएगा। इसके लिए अधिक प्रसार वाले अखबारों में भी उन स्कूलों के नामों की सूची सार्वजनिक की जाएगी। इतना ही नहीं बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची सार्वजनिक किए जाने के साथ-साथ उन स्कूलों में दाखिला संबंधी गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
प्रदेशभर में चल रहे बिना मान्यता के स्कूलों के मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने भी याचिका की सुनवाई के बाद सरकार को स्कूलों के संबंध में हलफनामा देकर स्थिति स्पष्ट किए जाने के आदेश मिल चुके हैं। वहीं शिक्षा निदेशालय ने भी अब सभी जिला वार जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों की सूची सार्वजनिक किए जाने और इनके अंदर नए सत्र से बच्चों के दाखिले नहीं होने देने की बात कही है। कुछ अर्से पहले ही शिक्षा विभाग ने जिला वार खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से चल रहे बिना मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के संबंध में जानकारी भी जुटाई थी।
खंड शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही बिना मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की अब जिला शिक्षा अधिकारी फिजिकल वेरिफिकेशन कराएंगे और फिर उन स्कूलों को चिह्नित कर उनकी सूची को सार्वजनिक करें। अभिभावकों को इन स्कूलों के अंदर दाखिला नहीं कराने के प्रति आगाह और जागरूक करेंगे। संवाद
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विधानसभा में भी गूंजेगा गैर मान्यता व स्कूलों की एनओसी का सवाल
हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र 20 फरवरी से आरंभ होगा। इसमें फरीदाबाद एनआईटी के विधायक नीरज शर्मा द्वारा पूछे जाने वाले सवाल का जवाब तैयार कराने में शिक्षा निदेशालय जुटा है। विधायक नीरज शर्मा ने सीबीएसई और एचएसईबी द्वारा चल रहे स्कूलों की संख्या के बारे में सवाल रखा है। उन्होंने बिंदुवार सवाल रखे हैं। राज्य में सीबीएसई बोर्ड और हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूलों की संख्या जिला वार मांगी है। स्कूलों के पास व्यवसाय प्रमाण पत्र, संरचना स्थिरता प्रमाण पत्र, साफ सुथरा प्रमाण पत्र, अग्नि एनओसी का भी प्रमाण मांगा है। दो एकड़ से अधिक भूमि पर चल रहे स्कूलों में एनओसी नहीं होने पर उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की है, इसकी भी जिला वार रिपोर्ट विधायक ने मांगी है।
शिक्षा निदेशालय ने जिला वार बिना मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में नए शिक्षा सत्र से बच्चों के दाखिला नहीं होने देने और इनकी सूची सार्वजनिक किए जाने संबंधी आदेश दिए हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से जिले में बिना मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों का सर्वेक्षण कराया गया था अब इसी सूची की फिजिकल वेरिफिकेशन कराने के बाद इनकी सूची सार्वजनिक की जाएगी और अभिभावकों को भी इन स्कूलों में बच्चों के दाखिला नहीं कराने के लिए आगाह किया जाएगा।
-नरेश महता जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।