भिवानी। लंबे समय से बनी नागरिक अस्पताल में अवैैध पार्किंग की समस्या बनी हुई है। अस्पताल प्रशासन द्वारा इस संबंध में कोई कदम ने उठाने के कारण बाहरी वाहनों का प्रवेश बंद न हो सका मगर अस्पताल प्रशासन इसकी सुध लेने जा रहा है। नवनियुक्त सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अस्पताल में अवैध पार्किंग पर रोक के निर्देश दे दिए हैं साथ ही अस्पताल में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए सफाई अभियान चलाया जाएगा।
सोमवार से अस्पताल में सिर्फ स्टाफ और मरीजों के वाहन की नजर आएंगे। अगर कोई अस्पताल में अवैध पार्किंग करता है तो उसे दो बार चेतावनी देने के बाद उसका 5000 रुपये का चालान किया जाएगा। नागरिक अस्पताल में अक्सर घंटाघर और सराय चौपटा बाजार के दुकानदार अपने वाहन खड़ा कर देते हैं। साथ बाजार में खरीदारी करने के लिए आने वाले ग्रामीण भी अस्पताल परिसर को ही टैक्सी स्टैंड समझकर अपने वाहन खड़े कर देते हैं। ऐसे में अस्पताल में मरीज व स्टाफ को अपने वाहन खड़े करने के लिए जगह नहीं मिलती। इस समस्या पर ध्यान केंद्रित करते हुए सिविल सर्जन ने अवैध पार्किंग पर कार्रवाई के निर्देश दिए है।
ब्लड बैंक और ओपीडी से सामने नहीं खड़े होंगे वाहन
नागरिक अस्पताल की ओपीडी में अक्सर 1200 से 1300 मरीज चेकअप करवाने के लिए आते है। इसकी वजह से ओपीडी के अंदर और बाहरी क्षेत्र में मरीज व उनके तीमारदारों की भीड़ लग जाती है। साथ ही ब्लड बैंक में लोग आपातकालीन स्थिति में ब्लड की यूनिट लेने के लिए आते है। ऐसे में रास्ते में वाहन खड़े होने से लोगों को काफी परेशानी होती है। सिविल सर्जन ने इन दोनों जगहों के सामने वाहन न खड़े करने के निर्देश दिए है।
दिव्यांग मरीजों को प्रवेश द्वार पर मिलेगी व्हील चेयर व सहायक
नागरिक अस्पताल में चिकित्सा सुविधा लेने के लिए आने वाले दिव्यांग मरीजों को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने नई व्यवस्था शुरू की है। इन मरीजों को अस्पताल के आपातकालीन विभाग, ओपीडी, वार्ड के प्रवेश द्वार पर ही व्हील चेयर के साथ एक कर्मचारी सहायक के तौर पर मिलेगा। जोकि इन्हें उपचार के लिए चिकित्सक के पास लेकर जाएगा। दिव्यांग मरीजों को बेहतरीन सुविधा देने के लिए अस्पताल प्रशासन ने ये कदम उठाया है।
नागरिक अस्पताल में लंबे समय से अवैध पार्किंग की समस्या बनी हुई थी। इस समस्या को दूर करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अवैध पार्किंग करने वालों को दो बार चेतावनी दी जाएगी, इसके बाद भी अगर से परिसर में वाहन पार्क करने आते है तो उसको पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। साथ ही अस्पाताल में साफ सफाई और दिव्यांग मरीजों के लिए सहायक भी नियुक्त करने के निर्देश दिए है।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।