भिवानी। अब एक बार टैंक भरा तो 20 दिन तक पूरा शहर पीनी पीयेगा। यानी एक बार पानी के टैंक भरने के बाद 20 दिन तक शहर में नियमित पानी की आपूर्ति हो सकेगी।
महम रोड के पुराने जलघर में नया टैंक बनकर तैयार हो चुका है, जिसमें पानी भंडारण की क्षमता भी 14 करोड़ 39 लाख 10 हजार लीटर पानी संग्रहण की है। इतना ही नहीं नए साल में शहरवासियों के लिए पेयजल संकट से निजात दिलाने की नई उम्मीद भी जगी है। एक टैंक बनकर तैयार हुआ है तो उसी के साथ पुराने दो टैंकों को तोड़कर उनकी जगह नया टैंक बनाने का मसौदा भी भेजा है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो फिर पूरे 32 दिन तक पेयजल आपूर्ति का काम चल जाएगा।
भिवानी शहर की करीब ढाई लाख की आबादी की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए तीन बड़े जलघर हैं, लेकिन महम रोड स्थित पुराना जलघर चार दशक पुराना है, जिसके सभी नौ टैंक पानी संग्रहण की क्षमता खो चुके हैं। इन्हीं में से दो टैंकों को तोड़कर अगस्त 2020 में एक बड़ा नया वाटर टैंक बनाने का काम शुरू हुआ था, जिसका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। नए टैंक को जल्द ही नगर परिषद द्वारा पब्लिक हेल्थ विभाग अधिकारियों को भी सुपुर्द किया जाएगा। इससे पहले इस टैंक की फाइनल जांच के बाद ज्वाइंट ट्रीटमेंट का काम चल रहा है। इस टैंक में पानी भंडारण की क्षमता पहले से कई गुणा बढ़ गई है। एक अकेले टैंक के अंदर 14 करोड़ 39 लाख 10 हजार लीटर पानी आ जाएगा, जबकि पुराने जलघर में इसके अलावा भी सात टैंक बचे हैं। जिनमें भी इसी टैंक के बराबर पानी का भंडारण होगा। इस टैंक के निर्माण पर करीब 13 करोड़ का भारी भरकम बजट भी खर्च हुआ है।
शहर में सीवर का 72 फीसदी तो पेयजल का 80 फीसदी काम हुआ पूरा
अमरूत के तहत शहर की बाहरी कॉलोनियों में नई सीवर और पेयजल लाइनें डालने का काम चल रहा है। सीवर का करीब 72 फीसदी काम पूरा हुआ है, जबकि बाहरी कॉलोनियों में सीवर लाइन डालने का करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अमरूत के तहत 77 करोड़ 93 लाख का बजट मंजूर है। पहले ये बजट 62 करोड़ मंजूर हुआ था, जिसे बढ़ाया गया है। फिलहाल अमरूत के तहत शहर की 50 से अधिक कॉलोनियों में नई पेयजल व सीवर लाइन डाली जा चुकी है। 31 अगस्त 2022 तक परियोजना के तहत चल रहे कार्यों को पूरा किया जाना है।
शहर के टैंकों को 32 दिन में एक बार मिलता है नहरी पानी
सिंचाई विभाग के शेड्यूल के हिसाब से शहर के जलघर के वाटर टैंकों को 32 दिन में एक बार पानी की आपूर्ति मिलती है। टैंकों की भंडारण क्षमता ज्यादा नहीं होने के कारण नहर आने से पहले ही शहर जल संकट झेलता है। ज्यादा दिक्कत गर्मी के मौसम में होती है, क्योंकि खपत बढ़ जाती है मगर पानी की आपूर्ति डिमांड के अनुरूप नहीं हो पाती, लेकिन नए टैंक के बाद आपूर्ति बेहतर होगी। संवाद
कुछ काम बाकी है
जलघर में नया टैंक बन चुका है, लेकिन अभी उसे पब्लिक हेल्थ को हैंडओवर नहीं किया है। टैंक में कमीशनिंग यानी ज्वाइंट ट्रीटमेंट का काम चल रहा है। इसके बाद टैंक को इन आउट पाइप लाइन से जोड़ा जाएगा। प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए 31 मार्च तक की मोहलत है, लेकिन शहर में नई सीवर व पेयजल लाइन डालने का काम भी सिर्फ 20 से 25 फीसदी तक ही बचा है। जिसे पूरा कर लिया जाएगा।
- मनेंद्र श्योकंद, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद भिवानी।
नियमित आपूर्ति होगी संभव
नया वाटर टैंक बनने के बाद पुराने जलघर की पानी संग्रहण की क्षमता काफी मजबूत हो जाएगी। जिसके बाद अगली बार नहर आने तक पेयजल आपूर्ति को नियमित रख पाना संभव हो जाएगा। हमें उम्मीद है कि गर्मी के मौसम से पहले इसका इस्तेमाल शुरू हो जाएगा।
- प्रवीण जांगड़ा, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा पब्लिक हेल्थ विभाग।