भिवानी। हरियाणा राज्य दिव्यांग जन आयुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी को दिव्यांग प्रमाण पत्र मामले में दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 के सेक्शन 80 और 82 के तहत नोटिस दिया है। इस मामले में दिव्यांग जन आयुक्त ने हरियाणा स्कूली शिक्षा निदेशक सेकेंडरी व भिवानी के सिविल सर्जन को भी नोटिस जारी किया है। आयुक्त मामले की सुनवाई 28 फरवरी को करेंगे।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने मामले की शिकायत हरियाणा राज्य दिव्यांग जन आयुक्त के समक्ष की थी। इससे पहले उन्होंने भिवानी सिविल सर्जन कार्यालय से भी आरटीआई में जारी किए गए दिव्यांग प्रमाण पत्र से जुड़ी जानकारी मांगी थी, जिसके जवाब में सिविल सर्जन कार्यालय ने इसका रिकार्ड उपलब्ध नहीं होने की बात कही है। परमार ने हरियाणा राज्य दिव्यांग जन आयुक्त को दी शिकायत में आरोप लगाया कि डीईओ ने 30 जुलाई 1996 को राजकीय उच्च विद्यालय छपार राघढाण में बतौर गणित अध्यापक के पद पर कार्यरत रहते हुए भिवानी सिविल सर्जन कार्यालय से दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाया था। विद्यालय में कार्य करते हुए प्रमाण पत्र के जरिए दिव्यांग भत्ता भी लिया था। प्राचार्य पद के लिए 2002 में सीधी भर्ती के लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग चंडीगढ़ में आवेदन दिव्यांग कोटे से किया था। परमार ने सिविल सर्जन कार्यालय से सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जारी दिव्यांग प्रमाण पत्र से जुड़ी जानकारी मांगी गई। जिसमें दिव्यांग प्रमाण पत्र से संबंधित कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं होने का जवाब दिया है।
चंडीगढ़ पीजीआई में वीडियोग्राफी से कराई जाए दोबारा जांच
शिकायत में बृजपाल सिंह परमार ने दिव्यांग जन आयुक्त से मांग की है कि डीईओ को जारी किए गए दिव्यांग प्रमाण पत्र की विस्तृत जांच के साथ साथ उनका चंडीगढ़ पीजीआई में दोबारा से वीडियोग्राफी की निगरानी में मेडिकल कराया जाए।
विभाग के स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार की शिकायत आई थी। जिसमें डीईओ भिवानी द्वारा गलत तरीके से दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाए जाने के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर रिकार्ड मांगा है। जांच की जाएगी और प्रमाण पत्र गलत है तो इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 28 फरवरी को मामले की सुनवाई निर्धारित की है।
राजकुमार मक्कड़, आयुक्त, राज्य दिव्यांग जन हरियाणा।