अब महिला किसान मुफ्त और अन्य किसान मात्र 100 रुपये में अपनी फसल में ड्रोन से नैनो यूरिया का छिड़काव करवा सकेंगे। इसके लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पंचकूला ने प्रदेश के सभी उप कृषि निदेशकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। रबी सीजन 2023-24 के दौरान हरियाणा के 22 जिलों में नैनो उर्वरक पर प्रदर्शन की योजना बनाई है, जिसमें रबी सीजन में एक लाख किसानों के खेतों में ड्रोन से नैनो यूरिया के छिड़काव का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग मिट्टी की उर्वरता में गिरावट का मुख्य कारण माना जा रहा है। सब्जियों और फसलों में मिलाए जाने वाले जहरीले पदार्थ मनुष्यों और जानवरों पर दुष्प्रभाव डाल रहे हैं। नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों से मिट्टी का पीएच मानक कम हो रहा है। पोटैशियम उर्वरकों से पोषक तत्वों का संतुलन भी बिगड़ गया है।
नाइट्रोजन ऑक्साइड का प्रयोग वायु प्रदूषण का भी कारण बनता है, जो कि अन्य वायुमंडलीय गैसों के साथ ग्रीन हाउस प्रभाव, ओजोन रिक्तीकरण और एसिड वर्षा में योगदान देता है। ऐसे में इफको ने अपने नैनो जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र (एनबीआरसी) के माध्यम से नैनो-उर्वरक के अनुसंधान द्वारा रबी 2023-24 सीजन के दौरान रबी फसल में नैनो यूरिया का उपयोग ड्रोन से करने का निर्णय लिया है।
ये मापदंड किए निर्धारित
कृषि उपनिदेशक कार्यालय से किसान का मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकरण अनिवार्य किया है। इसके लिए कृषि विभाग में नैनो यूरिया उर्वरक के लिए अलग से स्टॉक रजिस्टर बनाया जाएगा। किसान एमएफएमबी पोर्टल पर रुचि दिखाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं या वे संबंधित बीएओ, एडीओ, बीटीएम, एटीएम को भौतिक आवेदन जमा कर सकते हैं। उप निदेशक कृषि किसानों के ऑफलाइन आवेदन को एमएफएमबी पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित कराएंगे। नैनो यूरिया का छिड़काव करते समय किसानों की तस्वीरें भी अपलोड की जाएंगी। किसानों से नैनो यूरिया की प्रति बोतल 100 रुपये शुल्क लिया जाएगा। बीएओ, एडीओ जिला व ब्लॉक स्तर पर नैनो यूरिया की बोतलें किसानों को उपलब्ध कराएंगे। ड्रोन से छिड़काव का अतिरिक्त खर्च सरकार खुद उठाएगी। इफको ऑपरेटर सहित पर्याप्त संख्या में ड्रोन मुहैया कराएगा।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने नैनो जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र के साथ मिलकर किसानों को नैनो यूरिया ड्रोन से छिड़काव के प्रति प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अकेले भिवानी जिले में सात हजार किसानों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य रखा है। इसमें मात्र 100 रुपये में किसानों के खेत में नैनाे यूरिया का छिड़काव कराया जाएगा। इसके लिए किसान ऑनलाइन और मैनुअल दोनों ही तरीके से आवेदन कर सकते हैं।
-डॉ. विनोद फौगाट, कृषि उपनिदेशक, भिवानी।
फसलों में नैनो यूरिया का ड्रोन से स्प्रे कृषि क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी बदलाव होगा। इससे किसानों को सहूलियत होगी, वहीं युवाओं को रोजगार मिलेगा। देश में हरियाणा पहला प्रदेश है जहां इस तकनीक का व्यापक स्तर पर प्रयोग किया जा रहा है। इसके लिए इफको ने करीब 13 लाख रुपये की लागत से ड्रोन स्प्रे के इलेक्ट्रिक वाहन (इलेक्ट्रिक वाहन, आठ बैटरियों वाला 10 लीटर नैनो यूरिया की क्षमता का ड्रोन) तैयार किए हैं, जो इफको से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को मात्र एक लाख रुपये की राशि पर व युवा महिला किसानों को निशुल्क दिए जाएंगे। ड्रोन स्प्रे में एक एकड़ में करीब 500 से 600 रुपये का खर्चा आता है, पर प्रदेश सरकार द्वारा इन प्रशिक्षित युवाओं के माध्यम से किसानों को महज 100 रुपये में ड्रोन स्प्रे सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। पहले फेज में इफको ने 125 वाहन तैयार किए हैं, जिनमें रविवार को मैंने इफको अधिकारियों की उपस्थिति में गुरुग्राम में इफको द्वारा आयोजित कार्यक्रम में दस वाहन युवाओं को दिए हैं। ड्रोन नैनो यूरिया स्प्रे पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक है, जिससे विदेशी मुद्रा बचेगी और देश को बड़ा फायदा होगा।
-जयप्रकाश दलाल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, हरियाणा।
ये रखा है ड्रोन से छिड़काव का लक्ष्य
जिला का नाम- किसानों की संख्या
1. अंबाला- 4000
2. भिवानी- 7000
3. चरखी दादरी- 2000
4. फरीदाबाद- 2000
5. फतेहाबाद- 7000
6. गुरुग्राम- 2000
7. हिसार- 7000
8. झज्जर- 3000
9. जींद- 6000
10. कैथल- 6000
11. करनाल- 7000
12. कुरुक्षेत्र- 6000
13. महेंद्रगढ़- 4000
14. मेवाल- 3000
15. पलवल- 4000
16. पंचकूला- 1000
17. पानीपत- 4000
18. रेवाड़ी- 4000
19. रोहतक- 4000
20. सिरसा- 7000
21. सोनीपत- 5000
22. यमुनानगर- 5000
कुल- 100000