भिवानी। अब भिवानी-घग्गर ड्रेन का 48 करोड़ के बजट से नवीनीकरण होगा। इसके लिए कच्ची ड्रेन के दोनों किनारों को ईंटों से पक्का किया जाएगा। इससे ड्रेन के ओवरफ्लो होने पर किनारे टूटने का खतरा भी नहीं रहेगा। वहीं किसानों के खेतों में ड्रेन टूटने से जलभराव की समस्या से भी निजात मिलेगी।
भिवानी के लोहारू रोड से हिसार के कंवारी गांव तक जाने वाली करीब 50 किलोमीटर लंबी ड्रेन के नवीनीकरण से भिवानी और हिसार जिले के किसानों को भी फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने गांव सूई में आयोजित राष्ट्रपति के कार्यक्रम में भिवानी-घग्गर ड्रेन के नवीनीकरण की घोषणा की थी। जिसके बाद सिंचाई विभाग ने ड्रेन के नवीनीकरण का खाका तैयार किया। कंसल्टेंट एजेंसी से भी इस ड्रेन के नवीनीकरण की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।
भिवानी के देवसर चुंगी लोहारू रोड मुख्य डिस्पोजल से शुरू होकर हिसार के गांव कंवारी तक करीब 50 किलोमीटर लंबी भिवानी-घग्गर ड्रेन का निर्माण 2008-09 में हुआ था। इस ड्रेन की शुरुआती क्षमता 200 क्यूसेक थी। इसकी अब शहरी दायरे और आसपास के लगातार विकसित हो रहे इलाकों में गंदे पानी की निकासी की वजह से क्षमता बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया है। भिवानी-घग्गर ड्रेन में फिलहाल भिवानी शहर व आसपास के इलाके से करीब 100 क्यूसेक गंदा पानी डाला जा रहा है। इसी के साथ मिताथल-घुसकानी भी इसी ड्रेन से जुड़ी है।
मिताथल-घुसकानी ड्रेन की क्षमता करीब 100 क्यूसेक है। लेकिन भिवानी-हांसी हिसार मार्ग पर गांव प्रेमनगर के समीप ड्रेन में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग करीब 70 से 80 क्यूसेक शहर का गंदा पानी भी डाल रहा है। जबकि ये ड्रेन बरसाती पानी का दबाव भी झेल रही है। जिससे इसके ओवरफ्लो होने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि शुरूआत से ही ये ड्रेन कच्ची है। अब सीएम घोषणा के बाद भिवानी-घग्गर ड्रेन को बवानीखेड़ा के गांव सूई बलियाली तक करीब 17 किलोमीटर तक पक्का किया जाएगा। सीबीएलयू के अंदर भी नया डिस्पोजल बन रहा है। इसे भी भिवानी-घग्गर ड्रेन से जोड़ा जाएगा। इससे इस ड्रेन में अतिरिक्त गंदा पानी भी पहुंचेगा। इसी तरह शहर के सेक्टर 13 में काफी साल पहले बना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का ट्रीटमेंट हुआ पानी भी डाला जा रहा है। संवाद
ड्रेन के पंपिंग स्टेशन भी होंगे अपग्रेड
इलाके के पानी निकासी के लिए मिताथल घुसकानी ड्रेन गांव मिताथल से शुरू होकर गांव बापोड़ा तक जाती है। इसके बाद गंदे पानी को लिफ्ट कर गांव प्रेमनगर ड्रेन का गंदा पानी भी मिताथल-घुसकानी ड्रेन में डाला जा रहा है। फिर इस गंदे पानी को लिफ्ट कर भिवानी-घग्घर के जरिए हिसार तक भेजा जा रहा है। ड्रेन के इस सफर में कई पंपिंग स्टेशन आते हैं, जिनसे गंदा पानी लिफ्ट कर खेतों का बरसाती पानी और आबादी का गंदा पानी ड्रेन में डाला जाता है। इनमें निगाना, सूई, भुरटाना, खानक के पास पांच-पांच एचपी क्षमता के पंपिंग स्टेशन हैं, जिन्हें भी विभाग अपग्रेड कराएगा। इसके बाद इन पंपिंग स्टेशनों की क्षमता अतिरिक्त बारिश के पानी को सीधे ड्रेन में तेजी से डालकर ग्रामीण इलाकों को जलभराव से बचाएगी।
भिवानी-घग्गर ड्रेन के दोनों तरफ के किनारों से ईंटों से पक्का किए जाने की योजना तैयार की जा रही है। जिसके लिए कंसल्टेंट एजेंसी से भी सर्वेक्षण कराया जा रहा है। ड्रेन को पक्का किए जाने के बाद इसकी क्षमता बढ़ेगी वहीं अधिक दबाव की वजह से ड्रेन के किनारे नहीं टूटेंगे और किसानों को जलभराव की समस्या से भी निजात मिलेगी। इसके अलावा भिवानी-घग्गर ड्रेन से जुड़ी अन्य ड्रेनों के पंपिंग स्टेशनों को भी अपग्रेड किया जाना है। फिलहाल मसौदे पर काम चल रहा है। सीएम घोषणा के बाद करीब 48 करोड़ के बजट से इस परियोजना पर काम होना है।
- जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी सर्कल यमुना जल सेवाएं परिमंडल, भिवानी।