भिवानी। सिवानी क्षेत्र के गांव ढाणी दरियापुर के एक घर में एनआईए की टीम ने मंगलवार अल सुबह चार बजे छापामारी की। एनआईए की टीम एक एंबुलेंस और एक फॉर्च्यूनर गाड़ी में पहुंची, जिसमें 15 से अधिक सदस्य शामिल रहे। टीम ने घर की छत पर बनी पानी की टंकी और कपास के गोदाम तक खंगाल डाले। वहीं सिवानी पुलिस थाना के कार्यवाहक एसएचओ की टीम भी बाहर तैनात रही।
ढाणी दरियापुर निवासी नागर सिंह गांव में ही खेतीबाड़ी करता है और उसकी मकान पर ही किराना की दुकान भी है। उसका बड़ा बेटा 22 वर्षीय अनिल करीब 4-5 साल से गुरुग्राम में ट्रांसपोर्ट में काम करता है। अनिल के खालिस्तान समर्थक संगठन से संबंध होने के शक में एनआईए की टीम ने उसके घर पर दस्तक दी। परिजनों ने बताया कि अनिल कभी-कभार ही घर पर आता है। एनआईए की टीम मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 11 बजे अनिल के छोटे भाई सुनील को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। सुनील हिसार के एक कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। छापामारी के वक्त नागर सिंह, उसकी पत्नी और छोटा बेटा सुनील मौजूद था। घर के अंदर एनआईए टीम की करीब आठ घंटे तक जांच चली। इसके बाद टीम घर से अनिल के छोटे भाई सुनील को अपने साथ लेकर यहां से रवाना हो गई।
गांव के लोग भी रह गए छापामारी से अचंभित
ढाणी दरियापुर गांव के लोगों को भी इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा कि एनआईए की टीम ने अनिल के घर छापा मारा है। इससे वे अचंभित हैं। सूत्रों की मानें तो अनिल के पिता नागर ने बताया कि उनसे तो सिर्फ यही पूछताछ की गई थी कि उसका बेटा क्या काम करता है। छोटे बेटे सुनील को सिवानी तक पूछताछ के लिए ले गए थे उससे पूछताछ कर छोड़ दिया। नागर ने बताया कि उनको भी मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस बारे में सिवानी के कार्यवाहक थाना प्रभारी प्रेम सैनी ने बताया कि पुलिस तो टीम की सुरक्षा के लिए गांव में गई थी। उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।