भिवानी। शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए पानी स्टोरेज को लेेकर किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसके लिए महम रोड पर पुराने जलघर में नया वाटर टैंक बनाया है, जिसकी क्षमता करीब 14 करोड़ 33 लाख लीटर पानी की है। उम्मीद है कि यह टैंक चार अप्रैल को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के हवाले कर दिया जाएगा।
शहर में नागरिकों को पेयजल आपूर्ति के लिए तीन जलघर हैं। पुराना जलघर में नए टैंक की क्षमता करीब 14 करोड़ 33 लाख लीटर पानी की है। यह टैंक 804 फुट लंबा और 426 फुट चौड़ा है और इसकी गहराई 14.75 फुट है। इस टैंक के निर्माण पर 13 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसके अलावा यहां पर सात टैंक और हैं, जिनकी क्षमता 30 करोड़ 19 लाख 30 हजार 303 लीटर की है। ऐसे में यहां पर पानी स्टोरेज की क्षमता पहले से 14 करोड़ 33 लाख लीटर बढ़ गई है। तोशाम बाईपास दिनोद रोड के पास डाबर पर जलघर नंबर दो है, जहां पर सात टैंक हैं, जिनकी पानी स्टोरेेज क्षमता 102 करोड़ 50 लाख 32 हजार 506 लीटर है। रोहतक रोड पर स्थित जलघर नंबर तीन दो स्टोरेज टैंक हैं, जहां पानी की क्षमता 61 करोड़ 91 लाख 16 हजार 673 लीटर की है। ऐसे में फिलहाल शहर में आगामी दस साल तक आबादी के मद्देनजर पानी स्टोरेज की क्षमता है। शहर में करीब 32 हजार पानी के कनेक्शन हैं। विभाग द्वारा शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी आपूर्ति की जाती है। कुल स्टोरेज में 15 प्रतिशत पानी की आपूर्ति शिक्षण या अन्य बड़े संस्थाओं के लिए रखा जाता है।
विभाग को जल्द मिलेगा नया टैंक
पुराने जलघर में एक बड़ा नया वाटर स्टोरेज टैंक अमरूत योजना के तहत नगर परिषद द्वारा बनवाया गया है। टैंक को पाइप लाइन से जोड़ा जा रहा है। पानी आते ही इस टैंक में पानी छोड़कर इसे चेक किया जाएगा। विभाग को बहुत जल्द ही यह टैंक मिलने वाला है। इसके उपरांत विभाग के पास पानी स्टोरेज करने की कोई दिक्कत नहीं रहेगी।
-प्रवीन जांगड़ा, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
पानी की बचत करें
शहर में पानी स्टोरेज को लेकर किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। पुराने जलघर में नया टैंक बनकर तैयार हो चुका है, जिसे चार अप्रैल को जनस्वास्थ्य विभाग के हवाले किया जाएगा। जिले के प्रत्येक नागरिक से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम के चलते पानी की बर्बादी न करें। पानी की एक-एक बूंद कीमती है। पेजयल से अपने वाहन न धोएं और न ही पेयजल से पशुओं को नहलाएं। घरों में भी रोजमर्रा के कार्यों के दौरान पानी की बचत करें।
-आरएस ढिल्लो, उपायुक्त भिवानी।