भिवानी। लॉकडाउन में नगर परिषद ने करीब एक करोड़ के मास्क बांट डाले। अब इस पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल उठे हैं कि एक करोड़ के मास्क लॉकडाउन में किसे बांट दिए। इसे लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। इसका भुगतान भी ऐसे व्यक्ति को किया है, जिसकी न मास्क की दुकान है और न ही फैक्टरी।
आरोप है कि जिसे भुगतान किया गया है, वह किसी युवा नेता का पिता है और उसके खाते से रुपये निकाल बंदरबांट की गई है। उल्लेखनीय है कि पिछले 28 मार्च से नगर परिषद में नित नए घोटालों के खुलासे हो रहे हैं। पहले फर्जी चेक घोटाला सामने आया है, जिसमें निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव, अकाउंटेंट सुरेश कुमार, संजय बंसल, कार्यकारी अधिकारी संजय यादव, बैंक मैनेजर नितेश समेत करीब सात अन्य गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके बाद रसीद घोटाला और जमीन घोटाला सामने आया। इसमें भी दोनों अकाउंटेंट, एक पार्षद का भतीजा, एक कोच के अलावा निवर्तमान उप प्रधान मामनचंद भी गिरफ्तार हो चुके हैं। आरोपियों से रिकवरी भी हुई है। इन तीन घोटालों के अलावा एक कचरा घोटाला सामने आया। इसमें सेग्रीगेशन का ठेका दिया गया, मगर कचरा सेग्रीगेट किए जाने के बजाय जमीन में ही दबा दिया गया। यह भी करीब 10 करोड़ का घोटाला है और पुलिस इसकी जांच में जुटी है। हालांकि इसकी अभी एफआईआर नहीं हुई है। एक नया घोटाला लॉकडाउन के दौरान मास्क वितरण को लेकर है। आरोप है कि लॉकडाउन के दौरान करीब एक करोड़ के मास्क बांट दिए गए। चर्चाएं ये भी है कि इतने मास्क किसे, कहां और कब बांटे गए। इसकी पेमेंट नप खाते से की गई है। नप खाते से जिसे इस पेमेंट का भुगतान दिखाया गया है, उसका बेटा भी राजनीति में है और कुछ पार्षदों के संपर्क में है।
कुछ जन प्रतिनिधियों ने इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया और लिखा कि इसमें कुछ अन्य पार्षदों के नाम भी आएंगे। इसकी जल्द ही पुलिस को शिकायत दी जाएगी, ताकि जांच करवाई जा सके। पुलिस मामले में अभी शिकायत का इंतजार कर रही है। निवर्तमान पार्षद ईश्वर मान ने बताया कि मास्क वितरण में भी बड़ा घोटाला है।
रिमांड के बाद मामनचंद को भेजा जेल
फर्जी रसीद और जमीन घोटाले के आरोपी मामनचंद को चार दिन के रिमांड के बाद मामले की जांच कर रही एसआईटी ने कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। रिमांड के दौरान मामनचंद ने दो प्लॉट और एक दुकान की रजिस्ट्री करवाए जाने की बात कुबूली है। इसमें मुख्य सरगना अकाउंटेंट सुरेश कुमार को बताया है। मामनचंद से उनके हिस्से आए साढ़े सात लाख रुपये में से डेढ़ लाख रुपये बरामद किये गए। बाकी की रिकवरी के लिए पुलिस उसकी प्रॉपर्टी की जानकारी जुटा रही है।
शिकायत आने पर करेंगे कार्रवाई
रसीद और जमीन घोटाले में आरोपी मामनचंद को रिमांड के बाद जेल भेज दिया गया है। उसने दो प्लॉट और एक दुकान की रजिस्ट्री गैरकानूनी तरीके से कराने की बात कहीं है। उनसे डेढ़ लाख की रिकवरी भी हुई है। मास्क घोटाला भी संज्ञान में आया है। मगर अभी इसकी कोई शिकायत हमारे पास नहीं आई है। शिकायत आते ही कार्रवाई की जाएगी।
-अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक।