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नप घोटाला : अंडरवियर, बनियान की खरीद के लिए भी किया लाखों का भुगतान

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रेलवे रोड स्थित नगर परिषद भिवानी कार्यालय। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। नगर परिषद में घोटाला उजागर होने के बाद अब आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। सूत्र बताते है कि लाखों का भुगतान तो अंडरवियर और बनियान के भुगतान का दिखाया गया है। शहर थाने में नप घोटाले की एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच का जिम्मा एक बार फिर पुलिस की इकनॉमिक सेल को ही सौंपा गया है।
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अब पुलिस उन फर्मों की जानकारी जुटाने में जुटी है कि किनके खातों में चेक के माध्यम से राशि ट्रांसफर की गई। सभी चेक अलग-अलग फर्म के नाम से हैं। मामले में नप अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं और सभी खातों की डिटेल मांगी है, जिनका कार्यों के भुगतान से मिलान किया जाएगा, ताकि अन्य कहीं गलत भुगतान हुआ है तो उसका भी खुलासा हो सके। वहीं शिकायतकर्ता पूर्व पार्षद सुदर्शन जिंदल ने आरोप लगाया कि घोटाला दो-तीन करोड़ का नहीं, बल्कि 45 से 50 करोड़ का है। जल्द ही इसका खुलासा करेंगे।
उल्लेखनीय है कि पिछले करीब 10 दिन से नगर परिषद में घोटाले उजागर होने के बाद हड़कंप मचा है। 28 फरवरी को पूर्व पार्षद सुदर्शन जिंदल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देकर दो करोड़ से अधिक के घोटाले के आरोप लगाए थे। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने जांच का जिम्मा इकनॉमिक सेल को सौंपा है। इकनॉमिक सेल ने एक सप्ताह में ही अपने जांच कर रिपोर्ट शहर थाना पुलिस को सौंप दी। जिसमें सात चेक के माध्यम से करीब 2.33 करोड़ से अधिक का भुगतान विभिन्न सात फर्मों को किया गया दिखाया गया। जिसके आधार पर शहर थाना पुलिस ने विनोद गोयल, बैंक मैनेजर नितेश अग्रवाल, विकास, नप के कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। अब मामले की पूरी जांच का जिम्मा फिर से इकनॉमिक सेल को सौंपा गया है।
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कहां की है फर्म, कौन है मालिक, जांच में जुटी पुलिस
घोटाले की तह तक पहुंचने के लिए अब पुलिस जांच में जुटी है कि चेकों के माध्यम से जिन फर्मों को राशि दी गई है, वे कहां की हैं और उनका मालिक कौन है। चेक के माध्यम से फर्मों के नाम पुलिस के पास आ चुके हैं और अब बैंकों के माध्यम से इन फर्मों के मालिकों की तलाश की जा रही है। जिसके बाद ही पूरे खेल का खुलासा होगा।
बड़े घोटाले का अंदेशा
अब तक भले ही करीब 2.33 करोड़ का घोटाला सामने आया हो, मगर नगर परिषद में बड़े घोटाले का अंदेशा हो गया है। अमरूत योजना के तहत भी शहर में बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। अकेले बारिश के पानी की निकासी के लिए करीब 72 करोड़ का प्रोजेक्ट था और अब दूसरे चरण का काम शुरू होने वाला है। आशंका है कि अमरूत योजना में भी बड़े स्तर का घोटाला है। जिसके बाद अब नगर परिषद अधिकारी नप के सभी बैंक खातों की डिटेल निकलवा रहे हैं और उनका कार्यों के भुगतान से मिलान किया जाएगा।
दो-तीन करोड़ नहीं, 45 से 50 करोड़ का है घोटाला : जिंदल
शिकायतकर्ता पूर्व पार्षद सुदर्शन जिंदल ने कहा कि पहले सात चेक थे, मगर अब तो कई चेक सामने आ चुके हैं और यह घोटाला दो से तीन करोड़ का नहीं, बल्कि 45 से 50 करोड़ का है। विकास कार्यों के लिए आए करोड़ों रुपयों से अपने ही घर भरे जा रहे थे। वे जल्द ही घोटाले का बड़ा खुलासा करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कच्छा और बनियान के लिए ही 20-20 लाख का भुगतान किया गया है।
जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
मामले की जांच चल रही है और जांच के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद प्रशासन भी अपने स्तर पर जांच कर रहा है। जो भी कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- राजेंद्र प्रसाद, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।
सभी फर्मों की जुटाई जा रही जानकारी
मामले की जांच की जा रही है। सभी फर्मों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जो भी आरोपी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-एसआई सतपाल, इंचार्ज इकनॉमिक सेल।
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