भिवानी। नप पार्षदों का भले ही एक साल का कार्यकाल बाकी हो, मगर सरकार ने चुनावों को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस कड़ी में सबसे पहले वार्डबंदी की तैयारी है। वार्डबंदी यही रहेगी या नए सिरे से की जाएगी, इसके लिए शहर के बढ़े दायरे की जनसंख्या का सर्वे होगा। शहर की करीब छह कॉलोनियों के बढ़े दायरे को वर्ष 2018 में अप्रूव्ड किया गया था। अब यहां की बढ़ी जनसंख्या तय करेगी कि वार्डबंदी होगी या नहीं।
यहां सर्वे के दौरान देखा जाएगा कि सामान्य वर्ग की कितनी जनसंख्या है और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग की जनसंख्या कितनी है। अनुसूचित जाति वर्ग की जनसंख्या ज्यादा होती है तो नए सिरे से वार्डबंदी की जाएगी। इस संबंध में शहरी निकाय निदेशालय ने अधिसूचना नप कार्यालय भिवानी भेजी है।
शहर की छोटी सरकार कही जाने वाली नगर परिषद के वर्तमान पार्षदों का कार्यकाल फरवरी 2022 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में नप चुनाव के लिए सरकार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस कड़ी में सबसे पहले वार्डबंदी तय करनी है। जिसके तहत शहर की नई अप्रूव्ड कॉलोनियों का सर्वे होगा। शहर की लक्ष्मीनगर, रोहतक रोड पर एक तरफ का क्षेत्र, उत्तम नगर, देवनगर सिटी स्टेशन क्षेत्र का बढ़ा हुआ क्षेत्र वर्ष 2018 में अप्रूव्ड किया गया था। अब सबसे पहले इस बढ़े क्षेत्र की जनगणना होगी। जनगणना के आधार पर ही आगामी फैसला होगा। नप को 31 जनवरी तक जनगणना का कार्य पूरा करना है। शहर की जनसंख्या अब करीब ढाई लाख तक है। शहर में 31 वार्ड हैं। शहरी के बाहरी क्षेत्र में कुछ कॉलोनियां भी आबाद हुई हैं।
विवादित रही थी पिछली वार्डबंदी
पिछली वार्डबंदी विवादित रही थी। न केवल अनेक पार्षदों और उम्मीदवारों के समीकरण बिगड़ गए थे, बल्कि कुछ लोगों पर वार्डबंदी करने वाली एजेंसी से मिलीभगत कर अपने हिसाब से वार्डों का दायरा तैयार करने, कुछ उम्मीदवारों को कमजोर करने के लिए उनके वार्डों में बाहर की कॉलोनियों को जोड़ने संबंधित आरोप भी लगे थे। मगर सबसे अहम बात पिछली वार्डबंदी में जहां किसी वार्ड में साढ़े सात से 10 हजार तक मतदाता थे तो कहीं बमुश्किल साढ़े चार से पांच हजार। ऐसे में काफी असमानताएं थीं। इस बार इन्हें दूर किया जा रहा है। मुख्यालय के निर्देशानुसार कुल जनसंख्या को 31 वार्डों में बांटा जाएगा। जैसे भिवानी की जनसंख्या अब ढाई लाख है तो 31 वार्डों में इसे बांटा जाएगा। यानी प्रत्येक वार्ड में करीब आठ हजार। यह अब 10 प्रतिशत तक कम या ज्यादा हो सकती है। इसके अलावा एक अहम बदलाव यह भी किया जा रहा है कि पिछली दफा चुनाव से पहले तक नए वोट बनाए जा रहे थे। जिस कारण काफी विवाद रहा था। मगर इस बार एक जनवरी की तिथि के आधार पर ही मतदाता सूची तय होगी। यानी एक जनवरी 2022 को चुनाव आयोग की लिस्ट के अनुसार जो मतदाता होंगे, वे ही 2022 में होने वाले चुनाव में मतदान कर सकेंगे।
शुरू हुई चुनावी चर्चा, उम्मीदवारों ने कसी कमर
नप पार्षदों का कार्यकाल अभी सालभर से अधिक बाकी है मगर नगर परिषद में चुनावों की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इतना ही नहीं वर्तमान पार्षदों और चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों ने भी वार्डों में चुनावों को लेकर संपर्क साधना, लोगों से मिलना शुरू कर दिया है।
वर्जन
शहर में कुछ कॉलोनियों का दायरा बढह़ै। शहर के उत्तम नगर, रोहतक रोड, देव नगर सिटी स्टेशन के पास शहर का दायरा बढ़ा है। इस बढ़े हुए दायरे में जनसंख्या सर्वे किया जाएगा। यहां जनरल वर्ग और एससी वर्ग का सर्वे होगा। जिसके आधार पर वार्डबंदी तय की जाएगी। इस बार किसी भी वर्ष की एक जनवरी को जो मतदाता सूची होगी, उसी आधार पर मतदान होगा। इसके अलावा कुल जनसंख्या को भी वार्डों में समान रूप से बांटा जाएगा। मतदाता 10 प्रतिशत तक कम और ज्यादा हो सकते हैं।
- संजय कुमार, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद