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गणित की रुचि दिलवा रही राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान : ममता

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राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में ममता पालीवाल का माला पहनाकर स्वागत करतीं शिक्षिकाएं? - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। भिवानी के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की गणित प्रवक्ता ममता पालीवाल का राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन हुआ है। ममता का कहना है कि उनकी गणित में शुरू से रुचि थी। उसी का नतीजा है कि मुझे राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार के लिए चुना गया है। वह स्कूल में बच्चों को सरल तरीके से गणित पढ़ाने के लिए घर पर भी काफी मेहनत करती हैं।
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ममता के राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर वीरवार को स्कूल प्रशासन ने उसका फूलमाला पहना कर स्वागत किया। स्कूल में ही प्राचार्य किरण गिल के नेतृत्व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। देशभर से इस सम्मान के लिए 44 शिक्षकों को चुना गया है। ममता पालीवाल ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से वर्ष 2005 में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की थी, जिसमें वे टॉपर रहीं। उन्होंने एमएससी, बीएड की शिक्षा प्राप्त की हुई है।
महज 10 साल के कॅरिअर में पाई राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि
ममता पालीवाल ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में उनका अनुभव 10 साल का है। वर्ष 2011 में वह राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देवराला में बतौर गणित अध्यापिका लगी थीं। फिर बाद में उनका प्रोमोशन वर्ष 2016 में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भिवानी में बतौर प्रवक्ता हो गया। उनकी गणित में शुरू से ही रुचि थी। गणित में रुचि इनती बढ़ गई कि खुद के फॉर्मूला और गेम्स बनाने शुरू कर दिए। वे रोजाना सात से आठ घंटे गणित पढ़ने, पढ़ाने, मॉडल बनाने, फॉर्मूला तैयार करने, गेम्स बनाने में देती हैं। इसी रुचि के कारण राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए उनका चयन किया गया है।
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पति है निजी स्कूल में अध्यापक
ममता पालीवाला का छोटा सा परिवार है। उसके पति बीर सिंह भी प्राइवेट स्कूल में शिक्षक हैं, जबकि उनका बड़ा बेटा विशेष आठवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा है। उनकी बेटी दिव्यांशी चौथी कक्षा में पढ़ाई कर रही है। उनके बच्चों की भी गणित विषय में काफी रुचि है। पुरस्कार पाने की सूचना मिलने के बाद परिवार में भी खुशी का माहौल है।
मेहनती शिक्षिका हैं ममता
ममता पालीवाल हमारे स्कूल की एक होशियार और मेहनती शिक्षिका हैं। उनकी मेहनत और जज्बे के कारण वे आज इस मुकाम पर पहुंची हैं। इसके लिए उन्हें पूरे स्कूल स्टाफ की तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। ममता ने कोरोना संक्रमण के दौरान ऑनलाइन कक्षाओं में भी विशेष मेहनत की थी। जिसके फलस्वरूप राष्ट्रीय स्तर पर उनकी प्रतिभा की पहचान हुई। अन्य शिक्षक-शिक्षकाओं को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
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- किरण गिल, प्राचार्य, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भिवानी।

ममता पालीवाल।- फोटो : Bhiwani

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