मीटर कनेक्शन से परिवार के सदस्य के नाम का मिलान नहीं होने से नए परिवार की पहचान भी नहीं मिल पा रही है। जी हां हम यहां बात कर रहे हैं फैमिली आईडी की। इसमें पुराने परिवार से अलग होकर नए परिवार की फैमिली आईडी बनवाने में बिजली निगम की पॉलिसी की बड़ी अड़चन बनी है।
करीब एक हजार से अधिक आवेदन तो इसलिए लंबित पड़े हैं कि उन्हें नया मीटर कनेक्शन निगम से नहीं मिल रहा है, जबकि पुराने मीटर से भी फैमिली आईडी में नाम मिलान नहीं हो पा रहा है। जिन परिवारों में दूसरी या फिर तीसरी पीढ़ी यानी दादा और परदादा के नाम बिजली मीटर लगा है, ऐसे संयुक्त परिवारों में अलग परिवार की पहचान दिलाना मुश्किल हो गया है।
भिवानी जिले में तीन लाख 70 हजार से अधिक परिवार पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं। परिवार पहचान पत्र में शादी होने पर कई परिवारों के सदस्य अपनी अलग से फैमिली आईडी भी बनवा रहे हैं, जबकि संयुक्त परिवार से जुदा होने वाले परिवार भी अलग से फैमिली आईडी की चाह रखते हैं। ऐसे परिवारों को अब बिजली निगम की पॉलिसी बांधे हुए हैं, क्योंकि इन्हें अलग होने से पहले अलग से बिजली मीटर की शर्त लागू है। लेकिन निगम की पॉलिसी में एक ही घर में दूसरा बिजली मीटर लगाने का कोई प्रावधान नहीं है।
निगम अधिकारी विशेष परिस्थिति में ही एक घर के अंदर दूसरा मीटर लगा सकते हैं, जिसके लिए निगम की तकनीकी विंग के अधिकारियों को अपनी मौका निरीक्षण रिपोर्ट भी देनी अनिवार्य है। मानव सूचना एवं संसाधन विभाग के समक्ष दर्जनों ऐसी शिकायतें दर्ज हो रही हैं, जिनमें परिवार के सदस्य अपनी अलग फैमिली आईडी बनवाना चाहते हैं। मगर मीटर की शर्त अड़चन बनी है। कई परिवारों के घरों में तो पुश्तैनी बिजली मीटर लगा हुआ है। उन पूर्वजों का देहांत हुए ही अरसा बीत चुका हैं, मगर फैमिली आईडी में मौजूदा आदमियों का ही नाम दर्ज है। कई माता पिता के नाम से अलग चाचा या फिर ताऊ के नाम से भी बिजली मीटर लगवा लेते थे, अब उनकी फैमिली आईडी में उनका जिक्र तक नहीं है। ऐसे परिवारों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिनके सदस्यों की नई फैमिली आईडी तक नहीं बन रही हैं। संवाद
विधुर की सरकार ने शुरू की पेंशन, पोर्टल दे रहा टेंशन
हरियाणा सरकार ने विधुर व्यक्ति या फिर बिना शादी एकाकी व्यक्ति की पेंशन तो शुरू कर दी हैं, मगर परिवार पहचान पत्र पोर्टल टेंशन दे रहा है। क्योंकि इस पोर्टल पर अभी तक न तो विधुर का रजिस्ट्रेशन हो रहा है न ही पेंशन संबंधी कोई आवेदन दर्ज हो पा रहे हैं। ऐसे में सरकार की योजना की घोषणा के बाद इसका कोई भी पात्र लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। विधुर पेंशन संबंधी ऑप्शन ही परिवार पहचान पत्र में बंद पड़ा है। इसमें बदलाव करने का भी कोई विकल्प तक नहीं खुला है। केवल विधवा महिलाओं की पेंशन संबंधी मामलों में ही शिकायतें दर्ज हो पा रही हैं।
परिवार पहचान पत्र में अपना नाम अलग कराकर अलग से परिवार पहचान पत्र बनाने में बिजली मीटर की शर्त अनिवार्य की गई है। लेकिन कई परिवारों के मामले ऐसे आ रहे हैं, जिनका मीटर कनेक्शन वाले सदस्य के नाम का ही मिलान नहीं हो रहा है। जबकि अधिकांश को तो निगम से नया मीटर कनेक्शन ही नहीं मिल रहा है। हम केवल उसी फैमिली आईडी से नई फैमिली आईडी बना सकते हैं, जिनमें पहले से दर्ज बिजली मीटर के साथ नए बिजली मीटर का ऑप्शन भरने के लिए उस सदस्य के दस्तावेजों के आधार पर नया मीटर नंबर जारी किया गया हो।
- खुशवंत सिंह, जिला समन्वयक, मानव सूचना एवं संसाधन विभाग भिवानी।
एक ही मकान या प्रतिष्ठान में दूसरा बिजली मीटर का कोई प्रावधान निगम में नहीं है। न ही ऐसी कोई पॉलिसी निगम ने अभी जारी की है। हम केवल ऐसे परिवार को नया बिजली मीटर कनेक्शन दे सकते हैं, जिसके घर का मुख्य रास्ता अपने परिवार के दूसरे सदस्यों से अलग है और उसकी रिहायश भी अलग से है। काफी लोग निगम में नया बिजली मीटर लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं, मगर हम निगम की पाॅलिसी के अनुसार ही उन्हें नया बिजली कनेक्शन जारी कर सकते हैं।
- एस.एस कंन्टूरा, महाप्रबंधक भिवानी सर्कल दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम।