भिवानी। जमीन घोटाले और फर्जी रसीद घोटाले में फंसे नगर परिषद के निवर्तमान उप प्रधान मामनचंद भले ही चार दिन के पुलिस रिमांड पर हो मगर वार्ड में भावी प्रत्याशी के नाते उसका प्रचार हो रहा है। जगह-जगह होर्डिंग-बैनर लगे है। वहीं पुलिस ने मामनचंद द्वारा बताई जगह से डेढ लाख रुपये की रिकवरी की है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मामनचंद पुलिस से बचने के लिए कभी शिमला के सोनागढ़ गया तो कभी राजस्थान के भिवाड़ी, गुरुग्राम, पंचकूला, बद्दी में शरण ली। आखिरकार थक हारकर आत्मसमर्पण किया।
पुलिस ने मामनचंद के बताए अनुसार भिवाड़ी और गुरुग्राम में उसके दोस्तों के यहां रखे करीब डेढ़ लाख रुपये बरामद किए। फर्जी तरीके से हुई दो प्लॉट और एक दुकान की रजिस्ट्री से मामनचंद को अपने हिस्से के साढ़े सात लाख रुपये मिले। अब पूरी राशि बरामद नहीं होने पर पुलिस उसकी प्रॉपर्टी अटैच करने की तैयारी में है ताकि उसकी नीलामी से रिकवरी की जा सके। पुलिस उसकी प्रॉपर्टी की डिटेल खंगाल रही है। मामनचंद का रिमांड शुक्रवार को पूरा हो जाएगा और पुलिस उसे कोर्ट में पेश करेगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए होर्डिंग-बैनर
गबन के मामले में फंसने और रिमांड पर होने के बावजूद वार्ड में उसके होर्डिंग-बैनर लगने के कारण मामनचंद वीरवार को सोशल मीडिया पर छाया रहा। उसके होर्डिंग-बैनर की फोटो विभिन्न ग्रुपों में शेयर हो रही थी। उन पर कॉमेंट भी किए जा रहे थे। कोई कह रहा था कि जेल से चुनाव लड़ेगा तो कोई कह रहा था कि कानूनी नियमों के कारण शायद न लड़ पाए। मगर सूत्र बताते हैं कि चार्ज फ्रेम न होने तक वह चुनाव लड़ सकता है। मगर फिलहाल चुनाव लड़ना नहीं, केस से बाहर आना मामनचंद के लिए चुनौती है।