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ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कुश्ती चैंपियनशिप: खाने का इंतजाम न पीने को पानी, यह कैसी मेहमाननवाजी

Tue, 08 Mar 2022 02:11 AM IST
भूपेंद्र सिंह नवनीत शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)

सार

हरियाणा के भिवानी में दूसरे राज्यों से आए पहलवानों को खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है। ठहरने के लिए भी दोगुना चार्ज देना पड़ रहा है। ऑटो में 40 रुपये किराया देकर आवास से यूनिवर्सिटी कैंपस तक पहुंच रहे हैं। विवि ने 1700 खिलाड़ियों के लिए की महज एक बस की व्यवस्था है।
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गांव प्रेमनगर स्थित युनिवर्सिटी से ऑटो के सहारे भिवानी के राधा स्वामी सत्संग भवन पहुंचते दूर-दराज से आए खिलाड़ी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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भारतीय संस्कृति में मेहमान को भगवान का दर्जा दिया गया है। मगर चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) में व्यवस्थाएं इससे उलट नजर आईं। ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कुश्ती चैंपियनशिप में सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके आए दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों को यहां अव्यवस्थाओं से भी लड़ना पड़ रहा है। पहलवानों को न पीने के लिए पानी मिल रहा है और न ही खाने की उचित व्यवस्था है। सीबीएलयू प्रशासन की ओर से जहां ठहरने की व्यवस्था की है, उसके लिए भी पहलवानों को दोगुना चार्ज देना पड़ रहा है।

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सीबीएलयू के प्रेमनगर स्थित नए परिसर में चार दिवसीय चार दिवसीय ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कुश्ती चैंपियनशिप का शुभारंभ सोमवार को हुआ। चैंपियनशिप में भाग लेने वाले पहलवानों ने बताया कि उनके लिए जहां ठहरने की व्यवस्था की है, वहां न तो बेड है और न ही चारपाई। उन्हें सोने के लिए प्रतिदिन के हिसाब से 50 रुपये में एक गद्दा, 10 रुपये में तकिया, 20 रुपये में रजाई दी जा रही है।

इसके अलावा चार दिन के खाने के 900 रुपये लिए हैं, जिसमें उन्हें सिर्फ दो समय का भोजन दिया जा रहा है। यूनिवर्सिटी के आसपास होटल की व्यवस्था भी नहीं है। मजबूरी में वे चाय और बिस्कुट खाकर गुजारा कर रहे हैं। साथ ही आवास से यूनिवर्सिटी तक आनेजाने के लिए उन्हें 40-40 रुपये देकर ऑटो में सफर करना पड़ रहा है। प्रशासन ने महज एक बस दे रखी है, जिसमें 50 खिलाड़ी ही आ सकते हैं। वहीं आयोजन स्थल पर पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं है, ऐसे में उन्हें 20 से 30 रुपये में पानी की बोतल लेनी पड़ रही है। विवि प्रशासन के बदइंतजामी की वजह से दूसरे राज्यों से आए खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से जिस भवन में रहने की व्यवस्था की है, वहां से यूनिवर्सिटी कैंपस तक ऑटो में आतेजाते हैं। इसके लिए एक तरफ का किराया 40 रुपये लगता है। ऐसे में यूनिवर्सिटी की ओर से बस की कोई सुविधा नहीं दी गई है। पहलवानों को अपनी जेब से ही खर्च वहन करना पड़ता है। अन्य यूनिवर्सिटी में बस या फिर नजदीक ही आवास की सुविधा होती है, जिससे पहलवानों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ नहीं पड़ता। - अजय, भक्त कवि नरसिंह मेहता यूनिवर्सिटी जूनागढ़।

 

विश्वविद्यालय की ओर से जिस आवास में रहने की व्यवस्था की है, उसमें चार दिन के खाने के 900 रुपये लिए हैं। हमें सिर्फ दो समय का खाना ही दिया जा रहा है। ऐसे में दोपहर का भोजन बाहर ही करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय परिसर शहर से काफी दूरी पर है और यहां आसपास खाने की कोई व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में बिस्कुट और चाय पीकर गुजारा करना पड़ रहा है। - धवल, भक्त कवि नरसिंह मेहता यूनिवर्सिटी जूनागढ़।

 

जहां भी खेलने के लिए जाते है, वहां आयोजन करने वाली यूनिवर्सिटी की ओर से निशुल्क रहने और खाने की व्यवस्था होती है। इस यूनिवर्सिटी की ओर से जो रहने की व्यवस्था की हुई है, वहां रहने और खाने के मिलाकर 2500 रुपये मांग रहे हैं, जोकि एक होटल के रेट से भी ज्यादा है। ऐसे में साथियों के साथ मिलकर शहर के एक गुरुद्वारे में ठहरने की व्यवस्था की है। - करणजीत, संत बाबा भाग सिंह यूनिवर्सिटी बठिंडा।

 

यूनिवर्सिटी ने पहलवानों और कोच के लिए जिस जगह रहने की व्यवस्था की है, वहां पर कोई भी चारपाई की व्यवस्था नहीं है। गद्दे, रजाई, तकिये के लिए भी रुपये लिए जा रहे हैं। ऐसे में पहलवानों पर अनावश्यक खर्च का दबाव आ गया है। अन्य यूनिवर्सिटी ऐसे आयोजनों में रहने और खाने की व्यवस्था करती हैं, मगर यहां तो पानी पीने के लिए भी बोतल खरीदनी पड़ रही है। - गुरपाल सिंह, भूपाल नोबल यूनिवर्सिटी, राजस्थान।

विश्वविद्यालय की ओर से खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था रोहतक रोड स्थित राधा स्वामी सत्संग भवन में की हुई है। खिलाड़ियों को दिए जाने वाले खाने और अन्य सामग्री के लिए काफी कम रुपये लिए जा रहे हैं, ताकि खिलाड़ियों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ न पड़े। प्रत्येक यूनिवर्सिटी की ओर से यह खर्च लिया जा रहा है। खिलाड़ियों को खुद की यूनिवर्सिटी इसकी खर्च राशि प्रदान करती है। - डॉ. सुरेश मलिक, डीन, विद्यार्थी कल्याण विभाग, सीबीएलयू भिवानी।

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