बवानीखेड़ा (भिवानी)। सैनिकों के गांव के नाम से चर्चित रामूपुरा में इस बार सरपंची की चौधर के लिए आठ प्रत्याशी चुनावी दंगल में उतरे हैं। आठ प्रत्याशियों में से छह प्रत्याशी एक ही परिवार से हैं। इससे मुकाबला दिलचस्प बना है। एक प्रत्याशी अनुसूचित जाति से संबंधित है और एक अन्य प्रत्याशी जनरल समुदाय की बिरादरी से संबंधित है।
खंड के 33 गांव में से रामूपुरा गांव की गिनती खंड के छोटे गांव की सूची में निचले पायदान से छठे स्थान पर होती है। गांव रामूपुरा में इस बार सरपंच पद की जनरल सीट पुरुषों के लिए है। गांव रामूपुरा करीब 30 वर्ष पहले बलियाली का ही हिस्सा होता था। इस गांव को रामू नामक व्यक्ति ने बलियाली गांव से अलग मोहल्ले के रूप में बसाया था। 17 जनवरी 1992 को रामूपुरा की अलग पंचायत अस्तित्व में आई थी। वर्तमान में गांव में नौ वार्ड हैं और कुल 1352 मतदाता हैं। गांव की आबादी करीब तीन हजार के आसपास है। राजपूत बाहुल्य गांव में करीब आधा दर्जन अन्य बिरादरियों के लोग भी रहते हैं। गांव की पहचान मुख्य रूप से सैनिकों के गांव के रूप में है, परंतु सैनिकों के अलावा भी गांव के व्यक्ति अन्य उच्च पदों पर भी रहे हैं। वर्तमान में एक एमबीबीएस डॉक्टर व एक जज भी गांव से हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब 21 माह से गांव की सरकार ठप पड़ी थी। जिस कारण विकास कार्य लंबित पड़े थे। अब पंच सरपंचों की चौधर आएगी तो गांव में विकास भी होगा। संवाद
ये हैं गांव में मुख्य समस्याएं
1- सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी ।
2- गांव रामपुरा से दांग की तरफ करीब एक किलोमीटर के रोड की हालत बेहद खस्ता ।
3- गांव के बस स्टैंड पर हर समय गंदे पानी भराव की समस्या ।
4- गांव में गंदे पानी निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं।
5- गांव में चरमराई सफाई व्यवस्था।
6- घर-घर से कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था फिलहाल बंद।
7- गांव में पुस्तकालय नहीं।
8- गांव के जोहड़ों की चहारदीवारी का नवीनीकरण।
एक ही परिवार से संबंधित प्रत्याशियों के नाम
1- कुलदीप सिंह
2- गजेंद्र सिंह
3- नरेंद्र तोमर
4- प्रदीप कुमार
5- सज्जन कुमार
6-सत्यवीर
अनुसूचित जाति से संबंधित उम्मीदवार :-जयपाल सिंह
जरनल समुदाय से संबंधित उम्मीदवार:- मुकेश
गांव में वर्तमान में सैनिकों की संख्या - 500
सेवानिवृत्त फौजियों की संख्या - 600
प्रथम विश्वयुद्ध में भाग लिया - 418 सैनिकों ने
वापस नहीं लौटे - 18 सैनिक
गांव बलियाली के राजकीय स्कूल में लगा है उन शहीदों के पत्थर
वर्तमान में गांव के सार्थक रोहिल्ला है फ्लाइंग ऑफिसर
सीआईएसएफ से सेवानिवृत्त एसपी है गांव से
सैनिकों ने 1962, 1965, 1971 में व कारगिल युद्ध में लिया है भाग।
कैप्टन ,सूबेदार, हवलदार के पदों पर हैं गांव के सैनिक।
सेवानिवृत्त सैनिक :- कैप्टन जगत सिंह, कैप्टन रणजीत सिंह, कैप्टन धूप सिंह, कैप्टन स्वर्गीय ओमपाल सिंह।