भिवानी। खेल जगत में भिवानी को मिनी क्यूबा की पहचान मिली हुई है। अब यह पहचान बरकरार रख पाना भी खिलाड़ियों के लिए मुश्किल हो रहा है। एक साथ तीन हजार से अधिक खिलाड़ियों के खेल अभ्यास स्थल भीम स्टेडियमें में टॉयलेट, पीने का पानी और चेंजिंग रूम की व्यवस्था तक नहीं है। मैदान और खेल सामान भी काफी खस्ताहाल हैं। फटा नेट, टूटी सीढ़ियां और मैदान में भरा पानी खिलाड़ियों के अभ्यास में बाधा हैं।
भीम स्टेडियम में अभ्यास करने वाले कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं। ओलंपिक व एशियाड खेलों में भी पदक दिलाए हैं। मगर अब स्टेडियम की हालत यह है कि यहां तैयार हो रही खिलाड़ियों की पौध मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरस रही है।
भीम स्टेडियम में कुश्ती, जूडो, वुशू और टेबल टेनिस का कोई मैदान नहीं है। इन खेलों के खिलाड़ी अखाड़ों या फिर किसी बाहर जगहों पर अभ्यास करने पर मजबूर हैं।बारिश के दिनों में कई मैदानों की हालत भी खस्ता हो गई है। ऐसे में अभ्यास करना किसी खतरे से खाली नहीं हैं। खेल उपकरण भी खस्ताहाल हैं। भीम स्टेडियम में दर्शक दीर्घा के लिए हजारों दर्शकों के बैठने के लिए की गई व्यवस्था भी अब नहीं है, क्योंकि जो दर्शक दीर्घा स्थल है, उसकी सीढ़ियां भी टूट चुकी हैं। अचरज की बात तो यह है कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर भी भीम स्टेडियम में जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम होते हैं। इसी दर्शक दीर्घा के आगे उसका मंच भी सजता है, मगर उसकी बदहाली मंच की चकाचौंध में दब जाती है। कई दशक पहले बनी दर्शक दीर्घा की कोई सुध नहीं ली गई।
विधायक ने भी देखी थी भीम स्टेडियम की बदहाली, दिया था आश्वासन
भीम स्टेडियम की बदहाली विधायक घनश्याम सर्राफ ने भी निरीक्षण के दौरान करीब तीन साल पहले देखी थी, उस समय उन्होंने यहां के हालात सुधारने का आश्वासन भी दिया था। इस मामले में उन्होंने खेल मंत्री से भी बात करने की बात कही थी, मगर निरीक्षण के बाद यहां किसी ने बदहाली पर कोई ध्यान नहीं दिया।
बैडमिंटन कोर्ट की मेट फटी
भीम स्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट में मेट फटी हुई है, जबकि दर्शक दीर्घा तक पहुंचने की सीढ़ियां भी टूटकर बिखर चुकी है। एथलेटिक्स मैदान में पानी भरा हुआ है, जिसकी वजह से खिलाड़ियों का खेल अभ्यास भी बाधित हो रहा है। महिला खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम व खेल मैदान के आसपास टॉयलेट तक नहीं है। स्टेडियम में जो टॉयलेट हैं, वे बंद या खस्ताहाल हैं, जिन्हें इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
भीम स्टेडियम में इन खेलों के मैदान और कोर्ट
भीम स्टेडियम में बास्केटबाल, वॉलीबाल, हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान, क्रिकेट, फुटबाल के अलावा जिम्नास्टिक, बैडमिंटन, वेट लिफ्टिंग, हैैंडबाल, बॉक्सिंग, कबड्डी का इंडोर हॉल बना हुआ है। कुश्ती, जूडो, वुशू व टेबल टेनिस का कोई खेल मैदान या इंडोर हाल नहीं है।
तीन हजार से अधिक खिलाड़ियों को 34 प्रशिक्षक करवाते हैं अभ्यास
भीम स्टेडियम में सुबह और शाम करीब तीन हजार से अधिक खिलाड़ी खेल अभ्यास करते हैं। खेल विभाग में 34 खेल प्रशिक्षक भी हैं, जो खिलाड़ियों को खेल अभ्यास करा रहे हैं। स्टेडियम मेें नेशनल स्तर के काफी खिलाड़ी अभ्यास के लिए आते हैं, जबकि इंटरनेशनल खिलाड़ी भी यहां विशेष निगरानी में खेल अभ्यास कर रहे हैं।
कट चुका है बिजली कनेक्शन
भीम स्टेडियम में बिजली का कनेक्शन भी एक करोड़ से अधिक का बिजली बिल बकाया होने के कारण कट चुका है। इस वजह से शाम ढलते ही स्टेडियम में अंधेरा छा जाता है। महिला खिलाड़ियों को अपना अभ्यास शाम होने से पहले ही पूरा कर लौटना पड़ता है। (संवाद)
मसौदा तैयार कर मुख्यालय भेजेंगे
स्टेडियम में खिलाड़ियों की सुविधा के लिए संबंधित सरकारी एजेंसियों से कार्य का संभावित बजट का मसौदा तैयार कराकर मुख्यालय भेजा जाएगा। जिसके बाद ही खेल विभाग द्वारा बजट मंजूर किया जाएगा। हमारा प्रयास रहता है कि खिलाड़ियों की सुविधा और जरूरत के हिसाब से उन्हें सभी खेल सुविधाएं मिलें, कई खेल मैदानों में टॉयलेट व चेजिंग रूम नहीं हैं, इस पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- परसराम, कार्यवाहक जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी भिवानी।
भीम स्टेडियम में भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : Bhiwani
लॉन टेनिस मैदान का फटा पड़ा नेट। संवाद- फोटो : Bhiwani