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एक घर में रह रहे पति-पत्नी, अलग-अलग वार्ड में डालेंगे वोट

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अपनी शिकायत उपायुक्त को देने जाते निवर्तमान पार्षद ईश्वर मान व अजय। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। शहर की सरकार के चुनाव के लिए तैयारियों जोरों पर है। वार्ड बंदी के बाद अनेक पार्षदों के समीकरण बिगड़ गए हैं। अब नई वार्ड बंदी में आमजन के सामने भी समस्या खड़ी हो गई है। ये समस्याएं बीएलओ स्तर पर बनी है। दरअसल परिवार के एक सदस्य को किसी वार्ड में डाल दिया तो दूसरे को किसी वार्ड में जबकि एक ही घर में सब रह रहे है। यहां तक कि एक घर में रहने वाले पति-पत्नी को भी अलग-अलग वार्डों में बांट दिया।
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जिला प्रशासन की ओर से इन गलतियों पर दावे व आपत्तियां मांगे गए। शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं हो रहा है। लोग इन गलतियों को ठीक कराने के लिए भटक रहे हैं। यहां निवर्तमान, पूर्व पार्षदों व भावी उम्मीदवारों ने भी खेल खेला है। अपने चहेतों को वार्ड बदलने के बावजूद अपने वार्ड में रखने के लिए नाम जुड़वा दिए। जिस कारण भी मतदाता परेशान हैं।
यूं सामने आ रही खामियां
न्यू भारत नगर मिनी बाईपास वासी कृष्ण चंद्र का वोट वार्ड 10 में है, जबकि उनकी पत्नी कांता का मत वार्ड नौ में दिखाया है। शिकायत सौंपते हुए अजय कुमार ने बताया कि इसी क्षेत्र के 3069 से 3102 तक के वोट जिनमें महाबीर, कृष्णा, राधाकृष्ण, भंवर सिंह, सुशील राधा कृष्ण, देवेंद्र, उनकी पत्नी बिमला देवी, संतोष, बबीता, संजय, सचिन, नीति, प्रदीप, उनकी पत्नी रेखा आदि 100 से अधिक मतदाताओं की रिहायस तो वार्ड 10 में है और वोट वार्ड नौ में दिखाए हैं। ये सब योजनाबद्ध तरीके से किया गया है। शिकायत के बावजूद इन्हें ठीक नहीं किया गया। निवर्तमान पार्षद ईश्वर मान ने कहा कि हरेक वार्ड में 300 से 400 मतों में धांधली की गई है।
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उपायुक्त को दी शिकायत
वार्ड पांच से निवर्तमान पार्षद ईश्वर मान, वार्ड 10 से अजय ने सोमवार को उपायुक्त को शिकायत पत्र सौंपकर मतदाता सूची की गलतियां ठीक कराने की मांग की है। शिकायत में निवर्तमान पार्षद ईश्वर मान ने बताया कि वार्ड वाइज सूचियों का एसडीएम की देखरेख में खाका तैयार किया जा रहा है। कुछ प्रभावशाली लोग अपने फायदे के लिए उच्च अधिकारियों पर दबाव डालकर धांधली कर रहे है। सभी वार्डों की एरिया अनुसार मतदाता सूची तैयार करवाई जाए। साथ ही चेतावनी भी दी कि पिछली बार की तरह उन्हें कर्मचारियों, अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करनी पड़े।
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