गो रक्षा दल, नगर परिषद और पशु चिकित्सकों के बीच तालमेल ने इस बार गायों की जान बचा ली। श्राद्ध अमावस्या पर सिर्फ पांच गायों की तबीयत बिगड़ी। जिन्हें महम रोड स्थित गोशाला के ट्रीटमेंट कक्ष में लाया गया। वहीं इन गायों की हालत भी प्रारंभिक स्तर पर ही है, गंभीर नहीं।
पिछले साल श्राद्ध अमावस्या पर तला भोजन खाकर अफरा आने से 37 गायों की मौत हो गई थी। लेकिन इस बार गो सेवकों और प्रशासन की सतर्कता से ऐसा कोई हादसा नहीं हुआ। गो रक्षा दल भिवानी के जिला अध्यक्ष संजय परमार ने बताया कि शुक्रवार रात भर गो सेवकों ने शहर में 14 अस्थायी बाड़े तैयार किए थे, जिनमें करीब 1200 गायों व कुछ गोवंश को रखा था। इन बाड़ों में लोग श्राद्ध अमावस्या पर गो ग्रास देने पहुंचे, उन्हें सिर्फ एक रोटी देने के लिए बोला गया, जबकि बाकी भोजन बड़े बर्तनों में रखवा लिया, जिसे बाद में पकाकर गायों को खिलाया गया। इस तरह से एक गाय ज्यादा भोजन नहीं कर पाए और सभी गायों की जान बचा पाना संभव हो पाया। इसमें गो रक्षा दल के गो सेवकों की कड़ी मेहनत सराहनीय रही।