बहल। क्षेत्र से जुड़े गांवों के खेतीहर किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। क्षेत्र के किसान अब परंपरागत खेती के ढर्रे से आगे बढ़कर नवीन तकनीकों से खेती करते नजर आएंगे। बहल क्षेत्र के गांव गोकलपुरा में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार का रीजनल सेंटर बनाने का रास्ता साफ हो गया है। यह केंद्र उत्तर भारत का प्रमुख केंद्र होगा, जिसमें कृषि की नवीनतम तकनीकी जानकारी मिलेगी।
कृषि वैज्ञानिक किसानों को विभिन्न फसलों को कम लागत पर ज्यादा मुनाफा हासिल करने के लिए समय समय पर प्रशिक्षिण शिविर लगाकर प्रशिक्षित किया जाएगा। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि यह केंद्र हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय का अत्याधुनिक केंद्र होगा, जिसमें किसानों को उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक खेती की नई और उन्नत तकनीकों की जानकारी देंगे। गोकलपुरा गांव में बनने वाला यह सेंटर करीब 65 एकड़ भूमि में बनाया जाएगा। सेंटर पर करीब 60 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सेंटर बनाने के लिए गोकलपुरा गांव में विश्वविद्यालय द्वारा ग्राम पंचायत से भूमि को पट्टे पर लेकर 5 मार्च 2022 से कब्जा ले लिया है। केंद्र के लिए 93 पद स्वीकृत, 27 कृषि विशेषज्ञ वैज्ञानिक की होगी नियुक्ति परियोजना के लिए प्रदेश सरकार ने वैज्ञानिक और सहायक स्टाफ के 93 पद स्वीकृत किए है। इसमें 27 वैज्ञानिक, 27 कार्यालय स्टाफ, 32 तकनीकी स्टाफ और 7 अन्य पद शामिल है।
सरकार का लक्ष्य है कि सेंटर में अगले वित्तीय वर्ष 2023-24 में शोध कार्य का काम शुरू हो जाए। केंद्र में करीब 2570 वर्ग मीटर में एक क्षेत्रीय केंद्र परिसर, एक आवासीय परिसर, किसान छात्रावास के अलावा कार्यालय, सम्मलेन कक्ष, प्रयोगशाला और व्याख्यान कक्ष बनाए जाने की योजना है। केंद्र में देशी की नामी आईआईएम हैदराबाद, सीएफटीआरआई मैसूर और सीआईपीएचईटी लुधियाना जैसे उन्नत कृषि संस्थानों के विशेषज्ञ किसानों को नवीन जानकारी देने के लिए केंद्र में दौरा करेंगे।
11 मार्च को कृषि मंत्री करेंगे शिलान्यास
बहल क्षेत्र के गोकलपुरा गांव में बनने वाले चौ. रणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के रीजनल सेंटर का कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल 11 मार्च को शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर एचएयू के कुलपति प्रो. बीआर कांबोज सहित अन्य अधिकारी, वैज्ञानिक व क्षेत्र के लोग उपस्थित रहेंगे।
लोहारू विधानसभा क्षेत्र के गांव गोकलपुरा में बनने वाला रीजनल सेंटर उत्तर भारत का प्रमुख केंद्र होगा, जिसमें किसान और खेती के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। - जयप्रकाश दलाल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, हरियाणा।