नैफेड ने प्रदेशभर में अपना निर्धारित 25 फीसदी सरसों एमएसपी पर लेने का कोटा पूरा होने पर सरकारी खरीद बंद कर दी है। इसके बाद शुक्रवार को प्रदेश भर की मंडियों में किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं। भिवानी जिले की ढिगावा मंडी में किसानों ने सरसों खरीद के टोकन नहीं देने पर दिल्ली पिलानी नेशनल हाईवे पर शुक्रवार सुबह जाम भी लगा दिया। वहीं कई अन्य मंडियों में भी सरसों की खरीद बंद रही।
अब किसान मुआवजे का चक्कर छोड़कर सरसों की बेच रहा है क्योंकि सरसों के बाजार में करीब 800 रुपये की गिरावट हुई है। इसकी वजह से मंडियों में एमएसपी पर फसल बेचने के लिए आवक करीब दोगुनी हो गई। जिससे मंडियों में खरीद व्यवस्था बिगड़ी।
अब हैफेड मंडियों में किसानों की सरसों की कॉमर्शियल खरीद कराएगा। कॉमर्शियल खरीद में किसानों को एमएसपी तो मिलेगा, लेकिन तेल की धार अगर फसल में कम है तो उस पर भी दाम कटेंगे। जिसका घाटा किसान को झेलना पड़ेगा। मंडियों में बारदाना की भी दिक्कत है। आवक के मुकाबले बहुत कम बारदाना बचा है।
भिवानी में हुई एक लाख चार हजार टन सरसों खरीद
भिवानी जिले की 11 मंडियों में सबसे अधिक एक लाख चार हजार टन सरसों की खरीद हुई है। हालांकि अब नैफेड की खरीद बंद हो चुकी है। जिसके बाद हैफेड किसानों की सरसों कॉमर्शियल खरीद कराएगा। जिसकी व्यवस्था बनाने में भी थोड़ा वक्त लगेगा। हालांकि अभी भी मंडियों में हजारों टन सरसों खुले आसमान के नीचे पड़ी है। जबकि खरीद हो चुकी सरसों का भी आधा ही उठान हुआ है।
ये है कॉमर्शियल खरीद
अब मंडियों में खरीद होने वाली सरसों में प्रति क्विंटल 38 किलोग्राम तेल की मात्रा का आकलन होगा, जबकि पहले एमएसपी पर 33 किलोग्राम तेल वाली सरसों भी किसानों से खरीद कर ली गई। नमी का पैमाना भी अब 12 फीसदी की बजाय छह से आठ फीसदी ही रहेगा। अगर इससे ज्यादा नमी है तो फिर किसानों की फसल के एमएसपी से दाम कटेंगे। नमी पर भी किसानों का काटा कटेगा। इस तरह जिन किसानों की सरसों पर कार्बन यानी काला रंग है, उसके दाम कम मिलेंगे। वहीं मौसम से प्रभावित फसल पर भी किसानों को मंडी में सरकारी खरीद में भी नुकसान झेलना पड़ेगा।
मंडियों में अब नैफेड की खरीद बंद हो चुकी है। नैफेड ने अपना निर्धारित 25 फीसदी खरीद पूरी कर ली है। इसके बाद अब हैफेड किसानों की सरसों की कॉमर्शियल खरीद करेगा। मार्केट में सरसों का भाव काफी नीचे गिरा है, इस वजह से भी ज्यादा किसान मंडी पहुंच रहे हैं। वेयर हाउस के गोदामों में खरीद की गई सरसों की अनलोडिंग का काम धीमा चल रहा है।
-राजेंद्र सिंह, जिला प्रबंधक हैफेड भिवानी।
मंडियों में सरसों लेकर आ रहे किसानों के गेट पास काटे जा रहे हैं। जिस किसान का पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन है, उसे सरकारी खरीद का गेट पास दिया जा रहा है, जो किसान अपनी फसल प्राइवेट बेचना चाहता है उसे भी गेटपास मिल रहा है। सरसों की खरीद एजेंसियां अपने नॉमर्स के अनुसार करा रही हैं, इसमें हम कुछ नहीं कर सकते हैं।
- श्याम सुंदर, डीएमईओ, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड भिवानी।