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स्कूल पाठ्यक्रम में संस्कृत का अनिवार्य करने के लिए सरकार ने मांग सुझाव

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नवनीत शर्मा
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भिवानी। प्रदेश सरकार ने विद्यालय शिक्षा निदेशालय, संस्कृत संगठनों से तीसरी से 12वीं कक्षा तक संस्कृत को अनिवार्य करने के लिए महत्वपूर्ण बिंदु मांगे हैं। इनमें संस्कृत भाषा के लाभ, विकास, महत्ता के बारे में जानकारी देने का कहा है। उस जानकारी के आधार पर ही यह फैसला लिया जाएगा कि संस्कृत को पाठ्यक्रम में अनिवार्य किया जाए या नहीं।
प्रदेश में कई संगठन लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे हैं कि संस्कृत भाषा को तीसरी से 12वीं कक्षा तक अनिवार्य विषय में शामिल किया जाए। उन संगठनों की मांग पर संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार ने विद्यालय शिक्षा निदेशालय एवं संस्कृत संबंधित संगठनों से यह जानकारी मांगी है कि इसे लागू किए जाने से क्या लाभ होगा। बच्चों की शिक्षा पर इसका क्या असर पड़ेगा। इन संगठनों और निदेशालय द्वारा दी जाने वाली राय के आधार पर ही सरकार संस्कृत को अनिवार्य विषय लागू किए जाने पर फैसला लेगी।
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संस्कृत को लेकर अकादमी चलाएगी विशेष अभियान
प्रदेश में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए हरियाणा संस्कृत अकादमी की ओर से विशेष अभियान चलाए जाएंगे। इन अभियानों में नागरिकों को जागरूक करने से लेकर उन्हें संस्कृत भाषा में शिक्षा भी दी जाएगी। अकादमी के संस्कृत के शिक्षकों के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें संस्कारशाला की व्यवस्था भी की जाएगी। संस्कृत के अध्यापकों के माध्यम से मंदिरों व अन्य केंद्रों पर जाकर लोगों को संस्कृत भाषा सिखाई जाएगी। इसमें संस्कृत के महत्व और विकास में बारे में बताया जाएगा। संस्कृत को दिनचर्या में शामिल करने, यज्ञ के वैज्ञानिक लाभ से लेकर बच्चे के 16 संस्कार पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
संस्कृत सप्ताह के तहत कर रहे जागरूक
हरियाणा संस्कृत अकादमी की ओर से शिक्षा विभाग के माध्यम से 19 से 25 अगस्त तक संस्कृत सप्ताह आयोजित किया जा रहा है। इसके अभियान के जिला संयोजक डॉ. मुरलीधर शास्त्री ने बताया कि जिले के हर स्कूल में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी के तहत संस्कृत दिवस पर भगवत वाटिका देवसर रोड पर आचार्य सुरेश एवं आचार्य रतन लाल शास्त्री के सानिध्य में यज्ञ व विद्युत गोष्टी का आयोजन किया जाएगा। (संवाद)
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सुझाव मांगे हैं
सरकार ने विद्यालय शिक्षा निदेशालय, संस्कृत संगठनों से संस्कृत भाषा को अनिवार्य करने के लिए सुझाव मांगे हैं। इस पर विस्तृत रूप से जानकारी सरकार को दी जाएगी। संस्कृत उत्तम नागरिक का निर्माण करने में सहायक है। समाज को संस्कारवान बनाने के लिए संस्कृत भाषा का विशेष योगदान है।
- डॉ. दिनेश शास्त्री, निदेशक हरियाणा संस्कृत अकादमी।
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