भिवानी। तोशाम रोड स्थित बाल सेवा आश्रम एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। आश्रम की नाबालिग बच्चियों को यातनाएं देने के मामले के बाद अब आश्रम की महिला वार्डन पर आश्रम में रह रही लड़कियों ने प्रताड़ित करने सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं। आश्रम प्रबंधन पर भी कई आरोप जड़े।
दरअसल वीरवार को कुछ लड़कियां अचानक ही आश्रम के गेट के बाहर आकर चीखने चिल्लाने लगीं। मीडिया और पुलिस को बुलाने की गुहार लगाने लगीं। वहां से गुजर रही एक महिला ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद मीडिया भी वहां पहुंची। बाद में जिला कार्यक्रम अधिकारी भी पहुंच गईं। इसके बाद आश्रम की लड़कियों ने महिला वार्डन पर प्रताड़ित किए जाने और किसी भी न्यायाधीश के दौरे के समय उनकी शिकायतों को शिकायत पेटिका से गायब कर देने के गंभीर आरोप लगाए। वहीं कमरों के अंदर बंद रखने की भी बात कही। मौके पर पहुंचीं जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपिका बजाज ने आश्रम के हालातों का जायजा लिया और लड़कियों से बात की। आश्रम की कुछ लड़कियों ने बताया कि वार्डन सुमन उन्हें प्रताड़ित करती हैं। उन्हें डराया धमकाया जा रहा है। लड़कियों ने कहा कि वार्डन उनके साथ दुर्व्यवहार कर रही हैं। कहती हैं कि यह तुम्हारा घर नहीं है। लड़कियों का यह भी आरोप था कि कुछ भी गलती होने पर उन्हें कमरे में बंद कर दिया जाता है। लड़कियों का आरोप है कि दो साल से सीडब्ल्यूसी को भी शिकायतें दीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लड़कियों का यह भी आरोप है कि सीजेएम आश्रम में आते हैं तो आश्रम कमेटी शिकायत पेटी से उनकी शिकायतों के पत्र पहले ही निकाल लेते हैं और सीडब्ल्यूसी उन्हें कुछ भी बोलने से मना कर देती है। वहीं मामले की जांच करने पहुंची जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपिका बजाज ने कहा कि उन्होंने दोनों पक्षों को सुना है। वहीं, किस पक्ष की गलती है, इस संबंध में कुछ भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वे इस मामले की तह तक जाकर कार्रवाई करेंगी और तब तक किसी पर लगे आरोपों पर कुछ नहीं बोलेंगी। वहीं आरोपी वार्डन सुमन ने अपने पर लगे आरोपों को गलत बताया।
पहले भी दुष्कर्म पीड़िता मामले के विवाद में घिर चुका है आश्रम
इससे पहले भी बाल सेवा आश्रम और सीडब्ल्यूसी पर आश्रम की बच्चियों को प्रताड़ित किए जाने के आरोप लगे हैं। असम की दुष्कर्म पीड़ित लड़की के मामले में भी आश्रम की भूमिका व काउंसलर पर गंभीर आरोप लगे हैं। जिस पर काउंसलर के खिलाफ तो महिला पुलिस थाने में केस भी दर्ज हुआ है। फिलहाल आश्रम में बच्चियों की व्यवस्था और महिला वार्डन पर गंभीर आरोपों से नया विवाद खड़ा हो गया है।