भिवानी के घंटाघर स्थित मुख्य डाकघर की शाखा में एजेंट और कर्मचारियों की मिलीभगत से एक वरिष्ठ नागरिक के खाता से लाखों रुपयों की राशि धोखाधड़ी से निकालने का मामला सामने आया है। इस मामले की शिकायत डाक विभाग और जिला कष्ट निवारण समिति में भी की गई, मगर डाक विभाग के अधिकारियों ने पीड़ित को कोई रसीद तक नहीं दी। जिसके बाद मामले में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एजेंट सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार
शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में न्यू पटेल पार्क शंकर गार्डन लाइन पार बहादुरगढ़ निवासी दलबीर सिंह फोगाट ने बताया कि उसने लीला कृष्ण महता एजेंट के माध्यम से भिवानी मुख्य डाकघर में खाता खुलवाया था। उसने खाता खुलवाते समय तीन चेक दिए थे। जिसमें 12 सितंबर 2017 को 500000 रुपये,1000000 रुपये और 700000 रुपये शामिल थे। उसके बैंक खाता में 22 लाख रुपये जमा हो गए।
इस राशि में से 700000 रुपये डि पोजिट के रूप में और 1500000 रुपये वरिष्ठ नागरिक योजना के तहत जमा होने थे। उसने अपने खाता से आज तक कोई पैसा नहीं निकलवाया। लेकिन 2017 में उसकी अनुमति और जानकारी के बिना ही एजेंट और संबंधित डाकघर कर्मचारी की मिलीभगत से 700000 रुपये की राशि निकाली गई और बाकी 1500000 रुपये जो कि 2019 मे वरिष्ट नागरिक स्कीम के तहत जमा हुए थे वो बिना स्कीम की अवधि (5 साल ) पूर्ण हुए 2021 मे एजेंट व डाकघर के सम्बन्धित कर्मचारी की मिलीभगत द्वारा निकाल लिए गये। उसने 2200000 रुपये के चेक पोस्ट मास्टर मुख्य डाकघर भिवानी के नाम दिए थे।
उसकी पूरी राशि की जिम्मेदारी मुख्य डाकघर भिवानी की है। मुख्य डाकघर कर्मचारी व एजेंट की मिलीभगत से अपराधिक षड़यंत्र व धोखाधड़ी से उसके खाते से राशि निकाली गई। 23 फरवरी 2023 को आर्थिक गबन की जांच के लिए मुख्य डाक अधीक्ष्ज्ञक को शिकायत दी। लेकिन कोई निपटान नहीं हुआ। इसके बाद मामला जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचा। मंत्री देवेंद्र बबली ने 15 दिन में डाक अधीक्षक को मामला निपटान के आदेश दिए थे, मगर इस अवधि में भी डाक विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले में अब पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी। जिसके बाद इस संबंध में डाकघर के एजेंट लीला कृष्ण महता व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है।