भिवानी। कोरोना संक्रमण जैसी महामारी से सीख लेते हुए स्वास्थ्य विभाग अब ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने की तैयारी करने जा रहा है। इसके लिए विभाग ने ग्रामीण क्षेत्र के चार खंडों पर ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट बनाने की योजना बनाई है, जिसके अनुरूप उन्होंने स्वास्थ्य निदेशालय को प्रस्ताव बनाकर भेजे दिया है।
निदेशालय से हरी झंडी मिलती ही विभाग की ओर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि इनके लिए बजट भी निदेशालय की ओर से ही पारित किया जाएगा। कोरोना संक्रमण के दौरान जिले में स्वास्थ्य सेवाएं कम पड़ गई थीं। कोरोना की दूसरी लहर में जिले में ऑक्सीजन और बेड की सुविधाएं कम होने की वजह से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। कोरोना के बाद ब्लैक फंगस और डेंगू से भी स्थिति चिंताजनक कर दी थी। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में सबसे अधिक मरीज ग्रामीण क्षेत्र से ही मिले हैं। इन सब विकट परिस्थितियों पर विचार करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने बवानीखेड़ा, लोहारू, सिवानी और कैरू खंड में पब्लिक हेल्थ यूनिट बनाने की योजना बनाई है। इन ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट में ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को वे सब चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी, जो उन्हें जिला मुख्यालय के अस्पताल में मिलती हैं। रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों से लेकर टेस्ट और दवा की सुविधा दी जाएगी।
मेडिकल कॉलेज में मिलेगी 700 बेड की सुविधा
नागरिक अस्पताल में फिलहाल 300 बेड की सुविधा है। नागरिक अस्पताल में दस वार्ड हैं, जिनमें से दो वार्डों को कोविड आइसोलेशन वार्ड, एक को जच्चा-बच्चा वार्ड, एक को शिशु वार्ड, एक को हड्डी रोग, एक को नेत्र व ईएनटी, एक को फिजिशियन, एक को महिला वार्ड, एक आईसीयू और बाकियों को सामान्य वार्ड बनाया हुआ है। इनके अलावा आपातकालीन विभाग में भी 15 बेड की सुविधा है। जिले में मेडिकल कॉलेज का निर्माणकार्य पूरा होने के बाद इनमें 700 बेड की सुविधा हो जाएगी। चार साल के इंतजार के बाद मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चल रहा है। उम्मीद है दो वर्ष में मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज के लिए करीब 535 करोड़ रुपये का बजट पारित हो रखा है।
जिले के अस्पतालों में बेड सुविधा की जानकारी
जिले में फिलहाल नागरिक अस्पताल में 300, सब डिविजन पर स्थापित बवानीखेड़ा, तोशाम, सिवानी और लोहारू में क्रमश: 50-50 बेड की सुविधा है। इनके अलावा जिले की सात सीएचसी पर भी 50 बेड की सुविधा है।
ये मिलेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाई जा रही ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट में खंड स्तर के अस्पतालों में जिला मुख्यालय पर स्थापित अस्पताल की सुविधाएं मिलेगी। इनमें नए स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी, ताकि ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। इनमें मुख्य रूप से फिजिशियन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ की सुविधाएं दी जाएंगी। इसके अलावा अस्पताल में ही निशुल्क दवा और टेस्ट की सुविधा मिलेगी।
ग्रामीण क्षेत्र में है चिकित्सा सुविधा की कमी
जिले के ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं की काफी कमी है। इसकी वजह से ग्रामीणों को उपचार के लिए जिला मुख्यालय और पीजीआई में चक्कर काटने पड़ रहे हैं या फिर निजी अस्पतालों में अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में छोटे क्लिनिकों में झोला छोप चिकित्सकों से उपचार ले रहे हैं, जिसकी वजह से उनका स्वास्थ्य अधिक गंभीर हो रहा है। इन दिनों ग्रामीण क्षेत्र में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज हर घर में हो रखे हैं। (संवाद)
जगह चिह्नित कर प्रस्ताव भेज दिया है
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए ब्लॉक पब्ल्कि हेल्थ यूनिट बनाने की तैयारी की है। इसके लिए चार जगहों को चिह्नित कर स्वास्थ्य निदेशालय को प्रस्ताव भेज दिया है। उम्मीद है जल्द ही प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी, जिसके बाद ग्रामीणों को खंड स्तर पर ही जिला स्तर वाली सुविधाएं मिलेंगी।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।