स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने सोमवार शाम को भिवानी के तोशाम क्षेत्र के गांव ईशरवाल में छापा मारा। टीम ने इलाके के दो मेडिकल स्टोर पर पहुंचकर जांच की।
जांच के दौरान पाया कि मेडिकल स्टोर के लाइसेंस पर अस्पताल चल रहा था। एक महिला को भर्ती किया गया था। उसे ग्लूकोज भी चढ़ाया जा रहा था। वहीं, सीएम उड़नदस्ते की भनक लगते ही क्षेत्र के दवा विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया। कई दवा विक्रेता अपने दुकानों के शटर गिराकर चले गए।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के उपनिरीक्षक अनूप सिंह, उपनिरीक्षक राजबीर व एएसआई नरेंद्र व स्वास्थ्य विभाग नागरिक अस्पताल भिवानी की डॉ प्रज्ञा, ड्रग कंट्रोल आफिसर हेमंत ग्रोवर के साथ सोमवार शाम को ईशरवाल क्षेत्र में पहुंची। एक डायग्नॉजिस्ट सेंटर में एक महिला व गांव का ही एक व्यक्ति एडमिट किया हुआ था, जिनका यहां इलाज चल रहा था। टीम ने यहां दाखिल दोनों मरीजों से बातचीत की और उनके बयान दर्ज किए। जांच में पता चला कि मेडिकल स्टोर के लाइसेंस पर मरीजों का इलाज कर रहा था।
इसी तरह ईशरवाल के ही एक मेडिकल हॉल संचालक ने भी अपने मेडिकल स्टोर के पीछे अस्पताल बनाया हुआ था. जिसमें एक महिला मरीज भी दाखिल थी। यह भी बिना लाइसेंस खुद का अस्पताल चला रहा था। टीम ने दोनों से ही मरीजों का इलाज करने संबंधी लाइसेंस व दस्तावेज मांगे, तो वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मामले की सूचना तोशाम पुलिस थाना में भी दी, जिस पर पुलिस आरोपियों के खिलाफ संबंधित कार्रवाई में जुटी है।