भिवानी। जिले में डेंगू के डंक का खतरा लगातार लोगों की सेहत पर हावी होता जा रहा है। शुक्रवार को डेंगू के पांच पॉजिटिव केस सामने आए हैं, जिसके साथ ही अब तक जिले में डेंगू के 141 पॉजिटिव मिल चुके हैं।
मौसम बदलाव के बाद भी मच्छर जनित बीमारियों का खतरा लोगों की सेहत पर कम नहीं हो रहा है। डेंगू संभावित मरीज रोहतक और हिसार जिले के निजी अस्पतालों में भी उपचार ले रहे हैं। वहीं भिवानी जिले के निजी अस्पतालों में भी वायरल बुखार और डेंगू संभावित मरीजों का उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी ग्रामीण व शहरी दायरे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं और लोगों को पानी की टंकियों और जल स्रोतों पर साफ-सफाई की हिदायतें भी दे रहे हैं। डेंगू संभावित मिले इलाकों में भी फॉगिंग कराई जा रही है।
शहरी और ग्रामीण दायरे में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी बुखार संभावित मरीजों की ब्लड स्लाइड भी तैयार कर रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न टीमें मच्छर के लारवा को नष्ट करने और वयस्क मच्छर के खतरे से भी लोगों को अवगत करा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांश घरों में पानी की टंकी खुले में ही रखी गई हैं। जिनके ऊपर कोई ढक्कन भी नहीं होता वहीं पशुओं के पानी के स्रोतों के अंदर भी मच्छर का लारवा पनप रहा है। जिसकी वजह से भी मच्छर का डंक का खतरा बढ़ गया है।
शुक्रवार को शहर के इन इलाकों में मिले पांच डेंगू पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को पांच डेंगू पॉजिटिव केस मिले हैं। इनमें हनुमान ढाणी, घोसियान चौक, सेक्टर 13, विद्या नगर और दादरी गेट से एक-एक पॉजिटिव केस मिला है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शुक्रवार को इन सभी इलाकों में एंटी लारवा एक्टिविटी चलाकर घर-घर बुखार मरीजों की जांच की है।
ये है दस साल में डेंगू की जिले में स्थिति
वर्ष- डेंगू पॉजिटिव मिल चुके
2015- 601
2016- 17
2017- 85
2018- 50
2019- 13
2020- 49
2021- 356
2022- 123
2023- 278
2024- 141
जिले में डेंगू पाॅजिटिव केस मिलने के साथ ही संबंधित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी एंटी लारवा एक्टिविटी चला रहे हैं। विभाग की तरफ से लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। शहरी और ग्रामीण दायरे में शाम के समय फॉगिंग कराए जाने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। फॉगिंग करने से मच्छर का खतरा कम हो जाता है। इसलिए सभी ग्राम पंचायतों व पार्षदों से आह्वान किया जा रहा है कि वे अपने स्तर पर फॉगिंग कराना सुनिश्चित करें।
-डॉ रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।