भिवानी। सुरक्षित वाहन पॉलिसी के तहत सभी स्कूली बसों में बच्चों की सुरक्षा से संबंधित सभी मानक होने चाहिए। मानकों की जांच के लिए विभाग द्वारा समय-समय पर स्कूली बसों की जांच की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी नरेश महता ने वाहनों की जांच के लिए सुरक्षित वाहन पॉलिसी के अंंतर्गत आने वाले सभी विभागों को निर्देश दिए।
दरअसल, हरियाणा बाल संरक्षण आयोग की टीम ने सुरक्षित वाहन पॉलिसी के तहत जिला के विभिन्न स्कूलों का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में जिले के विभिन्न स्कूलों बसों की जांच की गई। ज्यादातर बसों में कोई न कोई खामी मिली। किसी बस में सीसीटीवी कैमरे क्षमता के हिसाब से पूरे नहीं थे तो कई सीसीटीवी सही दिशा में नहीं थे। कई बसों के रूट बोर्ड पर टाइमिंग नहीं था, कि बस किस समय किस स्थान पर पहुंचेगी। साथ ही बसों के अंदर आपात कालीन स्थिति में निकलने के लिए एग्जिट गेट तो था लेकिन उस पर लिखा नहीं था।
साथ ही, वाहन फिटनेस, रूट प्लेट व टाइमिंग, बीमा, लाइसेंस, फर्स्ट एड बॉक्स, सीसीटीवी कैमरा, चालक और परिचालक ड्रेस और आईडी कार्ड, अग्निशमन उपकरण, स्पीड गवर्नर, आवश्यक हेल्पलाइन नंबर, एग्जिट गेट की जांच की गई। इस दौरान बसों में कमियां मिलने पर बसों के चालान करने के साथ-साथ बसों को जब्त भी किया गया। इस दौरान सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए कि बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी बसों की कमियों को दूर किया जाएगा। अन्यथा बसों में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने पर संबंधित स्कूल पर कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षित वाहन पॉलिसी के तहत सभी स्कूली बसों में बच्चों की सुरक्षा से संबंधित सभी मानक होने चाहिए। विभाग द्वारा समय-समय पर स्कूली बसों की जांच की जाएगी। बसों में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने पर संबंधित स्कूल पर कार्रवाई की जाएगी।
- नरेश महता, जिला शिक्षा अधिकारी।