लोहारू। खरीफ फसल 2023 के बीमा क्लेम में कथित 350 करोड़ रुपये के घोटाले के विरोध और किसान हितों की मांगों को लेकर लोहारू में किसानों का अनिश्चितकालीन महापड़ाव तीसरे दिन भी डटा रहा। किसानों के आंदोलन को अनेक सामाजिक और किसान संगठनों ने समर्थन दिया।
किसान नेता एडवोकेट अशोक आर्य ने कहा कि अधिकारियों, बीमा कंपनी और एक पूर्व मंत्री की मिलीभगत से हुआ यह घोटाला किसानों की मेहनत की लूट है। जब तक किसानों को उनका पूरा हक नहीं मिल जाता वे शांत नहीं बैठेंगे। उन्होंने चेताया कि बीमा क्लेम के नाम पर की गई इस बंदरबांट की सभी परतें खोलनी होंगी और दोषियों को गिरफ्तार करना होगा।
धरने की अध्यक्षता अखिल भारतीय किसान सभा के बहल ब्लॉक अध्यक्ष धनपत ढाणी ओबरा, धर्मपाल फरटिया (केहर), सूबेदार मंदरूप नेहरा (सेहर), कर्ण सिंह ठाकन (हरियावास) और मुकेश नंबरदार (कासनी कलां) ने संयुक्त रूप से की जबकि संचालन एडवोकेट कविता आर्य ने संभाला। कविता आर्य ने बताया कि यह अनिश्चितकालीन पड़ाव दिन-रात लगातार जारी है, जहां दिन में सैकड़ों किसान धरना देते हैं और रात को भी यहीं शयन करते हैं। बीकेयू युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद ने आंदोलन को निर्णायक बताते हुए कहा कि जब तक किसानों को उनका न्याय नहीं मिल जाता, मोर्चा ऐसे ही जारी रहेगा।
पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी धूप सिंह श्योराण ने कहा कि यह लड़ाई अब सिर्फ बीमा क्लेम की नहीं रही, बल्कि यह किसान सम्मान और अधिकार की लड़ाई बन चुकी है। अखिल भारतीय किसान सभा भिवानी के जिला सचिव मा. जगरोशन, डॉ. बलवीर सिंह ठाकन, कोषाध्यक्ष मास्टर उमराव सिंह मोरकां भी धरने में उपस्थित रहे।
एसडीएम कार्यालय के सामने परिसर में किसानों ने अनिश्चितकालीन पड़ाव डालकर पक्का मोर्चा लगा दिया है। आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिल जाता। - रवि आजाद, प्रदेश अध्यक्ष, बीकेयू युवा