भिवानी। संयुक्त किसान मोर्चा भिवानी व कितलाना टोल कमेटी ने पंचायत घर में आए कृषि मंत्री जेपी दलाल, सांसद धर्मबीर सिंह व विधायक घनश्याम सर्राफ का काले झंडे दिखाकर विरोध किया। सैकड़ों की संख्या में किसान व महिलाएं चिड़ियाघर सुरेंद्र सिंह पार्क में एकत्रित हुए और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए हाथों में काले झंडे लेकर पंचायत घर की ओर बढ़े। जिला प्रशासन द्वारा भारी पुलिस बल लगाए जाने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड लगाकर पंचायत घर में पहुंचने से पहले ही रोक लिया। किसानों ने अपना विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रखने के लिए वहीं पर धरना लगाकर बैठ गए।
प्रदर्शन में विभिन्न वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री, सांसद व विधायक रबी सीजन की फसल के लिए डीएपी खाद के लिए कोई व्यवस्था नहीं कर रहे हैं, विभिन्न गांवों के खेतों में पानी भरा हुआ है। धनाना में रजबाहा टूटकर सैकड़ों किसानों की खेती बर्बाद कर दी है, बर्बाद फसलों की विशेष गिरदावरी के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे, इसी तरह बचे हुए बाजरा, कपास, मूंग व धान की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की व्यवस्था नहीं की जा रही। किसान व आम जनता पर इतना संकट होते हुए भी ये लोग शाम को बैठकर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम मना रहे हैं, जो बहुत ही दुखदायी बात है। किसान आंदोलन में 700 से अधिक किसान शहीद हो चुके हैं और उनकी शहादत पर सहानुभूति के लिए एक शब्द भी इनकी जुबां पर नहीं है। उन्होंने पुलिस द्वारा रोकने के बावजूद भी जोरदार नारेबाजी करते हुए नेताओं का विरोध किया और उसके बाद अपने धरने को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कर दिया। आज के विरोध प्रदर्शन में सांगवान खाप-40 के सचिव नरसिंह सांगवान डीपीई, श्योराण खाप से जगदीश हुई, किसान सभा से कामरेड ओमप्रकाश, डॉ. अंबेडकर मंच से गंगाराम श्योरण, युवा कल्याण संगठन से कमल सिंह प्रधान, भारतीय किसान यूनियन चढूनी से राकेश आर्य निमड़वाली, सीटू से मजदूर नेता सुखदेव पालुवास, रिटायर्ड कर्मचारी संगठन से रत्न कुमार जिंदल, संयुक्त किसान मोर्चा से दलीप सिंह सांगवान, कितलाना टोल से शब्बीर हुसैन, पार्षद अशोक जोगी, पार्षद बलवान सिंह, अनिल शेषमा, बलबीर बजाड़, जाटु खाप से मा. राजसिंह जताई, दिलबाग ढुल, व्यापार मंडल से जेपी कौशिक, महेंद्र श्योराण, प्रेम थानेदार, ओम नंबरदार, सुशीला धनाना, रत्नी डोहकी, नरेंद्र रांगी, प्रो. जगविंद्र सांगवान, मजदूर नेता भीम सिंह, मदनलाल, नरेंद्र धनाना, महाबीर धनाना सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।