भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल में वीरवार शाम को नेत्र रोग ओपीडी में फाल सीलिंग का हिस्सा गिर गया। गनीमत रही कि हादसा जिस समय हुआ वहां कोई मरीज नहीं था। पिछले दो माह में अस्पताल में सात जगहों पर फाल सीलिंग टूटकर गिर चुकी है।
दरअसल, जिला नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों के सिर पर हमेशा इस बात का खतरा मंडराता है कि न जाने कब छत से उनके ऊपर कितना भारी मलबा या सामान आकर गिर जाए। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी चिंता बनी रहती है।
अस्पताल की ओपीडी, आपातकालीन विभाग और ऑपरेशन थियेटर में पहले भी मलबा गिरने से काफी मरीज चोटिल हो चुके हैं। अब नेत्र ओपीडी कक्ष के अंदर फाल सीलिंग गिर गई है। फाल सीलिंग शाम के समय गिरी है। इससे बड़ा हादसा टल गया। अन्यथा दिन में यहां पर काफी संख्या में मरीजों की जांच हाेती है।
अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब साढ़े 1300 से अधिक मरीज आते हैं। इन मरीजों में अधिकांश मरीजों को जांच के लिए अस्पताल परिसर के दूसरे हिस्से में भेजा जाता है। ये मरीज जहां भी जाते हैं, इन पर फाल सीलिंग टूटकर गिरने या फिर छत से मलबा गिरने की आशंका बनी रहती है।
13 साल पहले हुआ था अस्पताल का जीर्णोद्धार
70 के दशक में बना जिला नागरिक अस्पताल अब जर्जरहाल हो चुका है। 2011 में एलएनटी कंपनी ने करोड़ों के बजट से पुराने अस्पताल भवन का जीर्णोद्धार का काम किया था, लेकिन जीर्णोद्धार के बावजूद अब यहां अधिकांश हिस्से की फाल सीलिंग टूटकर गिर चुकी है। वहीं छतों और दीवारों का प्लास्टर भी कमजोर हो गया है। जो अब मलबे के रूप में लगातार गिर रहा है। यही वजह है कि अस्पताल की दीवारों में खतरनाक तरीके से लोहे के सरिए भी अब अंदर से बाहर झांक रहे हैं। जिन्हें देखकर यहां आने वाले मरीज भी सहम रहे हैं।
अस्पताल में यहां-यहां गिरा मलबा
जिला नागरिक अस्पताल के जर्जरहाल भवन की हालत यह है कि पिछले दो माह में सात जगह से मलबा गिर चुका है। इसमें तीन जगह से तो ओपीडी और एक जगह आपातकालीन विभाग में मलबा गिरा है। इसके अलावा दो जगह वार्डों की तरफ भी मलबा गिरा है। अब नेत्र ओपीडी कक्ष के अंदर मलबा गिरा है। वहीं अस्पताल के ढांचे को थामने वाले बीम भी कमजोर हो रहे हैं, जिनके लोहे के सरिए भी बाहर दिखाई देने लगे हैं। उनका कंक्रीट झड़कर गिर चुका है।
जिले के सामान्य अस्पताल में इन दिनों समस्याओं का अंबर लगा हुआ है। यहां पर किसी भी समय हादसा हो सकता है। छत से फाल सीलिंग गिरना तो यहां आम बात हो गई है। कभी भी किसी भी समय फाल सीलिंग के साथ छत का मलबा गिरना आरंभ हो सकता है।
- अमन, मरीज
सामान्य अस्पताल की बिल्डिंग काफी पुरानी होने के कारण जर्जर हो चुकी है। यहां मरीजों को इलाज के बजाय चोट मिलना आम हो गया है। अस्पताल की जर्जर हालात को छुपाने के लिए लगाई गई फाल सीलिंग भी अब जवाब देने लगी है। इससे हर समय हादसा होने का डर बना रहता है।
- नवीन, मरीज।
जिला नागरिक अस्पताल के पुराने भवन की मरम्मत के लिए काफी बार उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है। अस्पताल के कुछ हिस्से में काम भी कराया गया है। उच्च अधिकारियों के आदेशों के बाद अस्पताल की मरम्मत करवाई जाएगी।
- डॉ. बलवान सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।