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बस स्टैंड के जीर्णोद्धार में घटिया सामग्री इस्तेमाल पर कर्मचारियों ने रुकवाया काम

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पत्थरनुमा सीमेंट लगाए जाने पर विरोध में नारेबाजी करते रोडवेज कर्मचारी। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। नया बस स्टैंड पर करीब 90 लाख रुपये के बजट से जीर्णोद्धार का काम चल रहा है। इस कार्य में घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल किए जाने पर शनिवार को रोडवेज कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। वहीं चल रहे काम को भी रुकवा दिया।
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रोडवेज कर्मचारियों ने अब तक हुए निर्माण की सैंपल जांच कराने और घटिया सामग्री इस्तेमाल पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। रोडवेज कर्मचारियों का आरोप था कि ठेकेदार खराब सीमेंट का इस्तेमाल कर रहा हैं, जबकि अन्य कार्यों में भी मनमानी कर कार्य की गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जो सीमेंट इस्तेमाल हो रही है, उससे दीवारों का टिक पाना भी मुश्किल होगा। वहीं मामले की सूचना रोडवेज अधिकारियों को भी दी गई।
हरियाणा राज्य परिवहन विभाग ने हाल ही में करीब एक करोड़ से अधिक का बजट भिवानी बस स्टैंड, बहल, बवानीखेड़ा व सिवानी बस स्टैंड के जीर्णोद्धार के लिए मंजूर किया था। रोडवेज प्रशासन ने इस बजट को हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन को ट्रांसफर कर दिया। पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन ने इस कार्य के टेंडर करा दिए। जिस पर संबंधी एजेंसी ने भिवानी बस स्टैंड पर काम भी शुरू कर दिया। करीब 90 लाख रुपये से भिवानी बस स्टैंड पर पार्किंग स्थल, बस स्टैंड के निकासी व मुख्य प्रवेश द्वार के जीर्णोद्धार का काम किया जा रहा है। इसी के साथ शौचालयों व पुराने परिसर की मरम्मत के भी टेंडर में प्रावधान किया गया है। ठेकेदार बस स्टैंड के मुख्य निकासी व प्रवेश द्वार पर निर्माण कार्य करा रहा है। इसी दौरान शनिवार को एक ट्रैक्टर में खराब सीमेंट लेकर ठेकेदार का कारिंदा पहुंचा। सीमेंट पूरी तरह से पत्थर बन चुकी थी। जिसे देख रोडवेज कर्मचारी भड़क उठे। बस स्टैंड ड्यूटी इंचार्ज प्रदीप कुमार, नागेश मान, जयसिंह, कर्मवीर, सतपाल, जगदीप, प्रताप राठौड़ ने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर में करीब 400 खराब सीमेंट के कट्टे लाए गए, जिनमें अधिकतर खराब सीमेंट को निर्माण में भी इस्तेमाल कर दिया। कुछ कट्टे बचे हैं, जिन्हें भी प्रयोग में लाया जा रहा था, जिस पर रोडवेज कर्मचारियों ने एतराज जता काम रुकवा दिया और इसकी सूचना रोडवेज अधिकारियों को दी। वहीं हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ के वरिष्ठ राज्य उपप्रधान नरेंद्र दिनोद ने भी इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए ठेकेदार पर कार्य में लीपापोती करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नरेंद्र दिनोद ने कहा कि ठेकेदार ने घटिया निर्माण सामग्री प्रयोग की है, जबकि रोडवेज विभाग 90 लाख का बजट जीर्णोद्धार पर खर्च कर रहा है। बजट पूरा है तो काम भी बढ़िया व गुणवत्तापरक होना चाहिए। उन्होंने ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किए जाने, निर्माण की जांच कराने व दूसरी एजेंसी को काम सौंपने की मांग की। रोडवेज कर्मचारियों के विरोध के बावजूद ठेकेदार ने खराब सीमेंट को बदलने का आश्वासन दिया और ट्रैक्टर में लदी खराब सीमेंट को वापस भेज दिया।
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कुछ कट्टे खराब थे
सीमेंट के कुछ कट्टे खराब थे। इस वजह से उन्हें वापस भेजा गया है। उनकी जगह नई सीमेंट मंगवाई है। काम पूरी गुणवत्ता व टेंडर में शामिल हिदायतों के अनुसार किया जा रहा है। इसमें कोई भी घटिया सामग्री नहीं लगाई जा रही है।
-रवींद्र कुमार, ठेकेदार, हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन।
पत्थर बन चुकी थी सीमेंट
हम जब शनिवार सुबह बस स्टैंड पर पहुंचे तो एक ट्रैक्टर के अंदर खराब सीमेंट थी, जिसे बस स्टैंड के मुख्य गेट निर्माण में इस्तेमाल किया जा रहा था। सीमेंट पत्थर बन चुकी थी। जिसकी सूचना रोडवेज अधिकारियों को दी गई है। रोडवेज कर्मचारियों ने भी काम में हो रही लीपापोती पर रोष जताया है।
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-प्रदीप कुमार, इंचार्ज बस स्टैंड ड्यूटी।
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