भिवानी। किसान संगठनों की दिल्ली महापंचायत में शामिल होने के लिए वीरवार सुबह भिवानी के रेलवे जंक्शन पर ढाई सौ से अधिक किसान न जनसंगठनों के प्रतिनिधि जुटे। इसके अलावा लोहारू और सिवानी से भी किसान ट्रेन में बैठकर दिल्ली पहुंचे। वहीं प्राइवेट वाहनों से भी किसान व जनसंगठन के लोग दिल्ली पहुंचे।
संयुक्त किसान मोर्चा एवं केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर विभिन्न किसान मजदूर संगठन पदाधिकारी भिवानी के रेलवे जंक्शन पर वीरवार अल सुबह पहुंचे। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल, जिला सचिव मास्टर जगरोशन, युवा कल्याण संगठन के संरक्षक कमल सिंह प्रधान, ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के जिला प्रधान जोगेंद्र तालू, भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के जिला प्रधान राकेश आर्य, जाटू खाप के कार्यवाहक प्रधान सूबेदार रामकिशन व मजदूर संगठन सीटू के जिला प्रधान राममेहर के नेतृत्व में किसान मजदूरों का बड़ा जत्था दिल्ली पहुंचा।
उन्होंने कहा कि उनकी मांगों में एमएसपी की संवैधानिक गांरटी, किसान मजदूर को कर्ज मुक्त करना, बिजली का प्रस्तावित निजीकरण वापिस हो, लखीमपुर खीरी के किसानों को न्याय मिलने सहित सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगे लागू नहीं की तो वोट के जरिये उसे सत्ता से बाहर करेंगे। दिल्ली जत्थे में किसान नेता कामरेड ओमप्रकाश, कर्णसिंह जैनावास, सूबेदार धनपत ओबरा, रामोतार बलियाली, सुमेर बाढड़ा, सुखदेव पालवास, कर्मचारी नेता रतन कुमार जिंदल शामिल थे। किसान संगठनों के ये प्रतिनिधि शाम तक वापस लौटे।