भिवानी। खरीफ से निराश हुए किसानों को रबी सीजन की फसल से भी कोई आस नहीं है। सरकार ने खराब हुई फसल की विशेष गिरदावरी की घोषणा को भी 25 दिन बीत चुके हैं। अब तक पटवारी खेतों में खराब फसलों की स्पेशल गिरदावरी के लिए पैमाइश तक नहीं कर पाए हैं। जिसकी वजह से प्रशासनिक अधिकारियों को भी अभी गिरदावरी रिपोर्ट का इंतजार है। खेतों में पानी भरने से किसानों के अरमान डूब गए हैं। वहीं सरकार को ओर से मुआवजे के रूप में इसकी भरपाई भी होगी या नहीं इसको लेकर किसान दुविधा में हैं।
कृषि विभाग के सर्वे में खरीफ सीजन की मूंग और कपास में 50 से 70 फीसदी तक नुकसान का आंकलन किया जा चुका है, लेकिन अब राजस्व विभाग खराब फसल की स्पेशल गिरदावरी कराने में जुटा हैं, लेकिन अभी तक गिरदावरी का काम पूरा नहीं हुआ है। जिला राजस्व अधिकारी का कहना है कि अभी स्पेशल गिरदावरी में पांच से सात दिन और लगेंगे। ऐसे में किसानों को कब मुआवजा मिलेगा और कब उनको नुकसान की भरपाई हो पाएगी, इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।
भिवानी जिले में खरीफ सीजन में एक लाख पांच हजार एकड़ में मूंग की फसल बिजाई हुई थी। करीब दो लाख एकड़ भूमि पर कपास का दायरा रहा। इसी तरह बाजरा भी डेढ़ लाख एकड़ से अधिक दायरे में लहलहा रहा था। बारिश की वजह से किसानों को फसल में काफी नुकसान झेलना पड़ा। इसी को लेकर राज्य सरकार ने खराब फसल की विशेष गिरदावरी की घोषणा की थी। मगर अब तक किसानों की जेब तक उनकी नुकसान की भरपाई नहीं पहुंची है। आलम यह है कि राजस्व विभाग के पटवारी प्रभावित किसानों की खेतों में फसल की पैमाइश तक पूरा नहीं कर पाए हैं, जिसकी वजह से जिला मुख्यालय पर फसल खराबा की रिपोर्ट तैयार तक नहीं हो पाई है।
जलभराव ने भी बिगाड़ा फसल बिजाई का समीकरण
मुआवजा से दूर किसानों की अगली फसल का समीकरण भी बिगड़ गया है। जलभराव की वजह से खेत में न तो सरसों और न ही गेहूं की बीजाई हो पा रही है। सबसे अहम भूमि में पानी की निकासी के लिए भी अधिकारी कोई समय सीमा तय नहीं कर पा रहे हैं, जिसकी वजह से किसान भी अगली फसल लेने को लेकर अभी दुविधा में हैं।
एक लाख से अधिक किसानों ने कराया था फसलों का बीमा
कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो जिले के एक लाख से अधिक किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया था, मगर बारिश व जलभराव से प्रभावित फसलों का कंपनी ने भी अभी तक पीड़ित किसानों को कोई क्लेम नहीं दिया है। फसल बीमित होने के बाद जिला प्रशासन ने भी उसे स्पेशल गिरदावरी में शामिल नहीं किया है, जिसकी वजह से किसान न तो स्पेशल गिरदावरी का लाभ उठा पा रहे हैं न ही बीमा कंपनी ने किसानों को कोई भुगतान किया है।
बोले किसान - बारिश ने पकी फसल को किया नष्ट
बाजरा व मूंग की बिजाई करने वाले किसान रामकिशन, राममेहर, कर्मचंद, मनफूल ने बताया कि कृषि विभाग ने मूंग की बिजाई का सुझाव दिया था, जबकि वे बाजरा की बिजाई करने का मन बना चुके थे, लेकिन अच्छी फसल होती, ऐन वक्त पर बारिश ने पकी पकाई फसल को नष्ट कर डाला। फसल बेचकर कई अधूरे कार्यों को पूरा करने का सपना था, सब चकनाचूर हो गया। किसान धर्मबीर, रामपाल ने बताया कि पट्टे पर खेत लेकर फसल उगाई थी, मगर पूरी फसल बर्बाद हो गई, न पट्टे की रकम चुकता हुई न फसल के लिए लिया कर्ज चुकाने को कुछ बचा है। (संवाद)
मूंग और कपास में काफी नुकसान
कृषि विभाग के सर्वे के अनुसार खरीफ फसल में जलभराव व बारिश की वजह से मूंग व कपास में काफी नुकसान का आकलन किया गया है, जिन किसानों की फसल बीमा योजना के तहत खराब फसल कवर हो रही हैं, उन्हें कंपनी से क्लेम करना होगा। जिन किसानों की फसल का बीमा नहीं है, उनकी राजस्व विभाग द्वारा स्पेशल गिरदावरी कराई जा रही है।
-डॉ. आत्माराम गोदारा, कृषि उपनिदेशक भिवानी।
सात दिन में सर्वेक्षण का काम पूरा हो जाएगा
जिले में फसल खराबे के सर्वेक्षण का काम चल रहा है। आगामी पांच से सात दिन में ये कार्य पूरा हो जाएगा, जिसके बाद रिपोर्ट सरकार के समक्ष भेजी जाएगी। बीच में दो नई फसलों को भी खराबे में शामिल कर दिया था, जिसकी वजह से सर्वे रिपोर्ट तैयार करने में देरी हुई है। किसानों को उनके खाते में मुआवजे का भुगतान होगा।
-राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी भिवानी।