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भिवानी नप घोटाला: दोनों अकाउंटेंट को लेकर विजिलेंस ने नगर परिषद कार्यालय में साढ़े छह घंटे खंगाला रिकॉर्ड

Fri, 01 Apr 2022 10:51 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)

सार

तबीयत बिगड़ने पर पुलिस रण सिंह को सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंची। वहीं जांच के दौरान नगर परिषद कार्यालय का दरवाजा बंद रखा गया। 
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भिवानी में नगर परिषद कार्यालय। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के भिवानी में नगर परिषद में सामने आए करोड़ों के घोटाले की जांच के लिए विजिलेंस की टीम रिमांड पर लिए आरोपी अकाउंटेंट सुरेश कुमार, संजय बंसल को लेकर नगर परिषद कार्यालय पहुंची। यहां करीब साढ़े छह घंटे तक रिकॉर्ड खंगाला।

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इस दौरान मुख्य दरवाजा बंद रखा गया और किसी को भी अंदर आने की अनुमति नहीं थी। रिमांड पर लिए गए आरोपी निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव की शुक्रवार को तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उपचार के लिए इमरजेंसी लाया गया। इसके अलावा उन्हें पूछताछ के लिए नगर परिषद में भी ले जाया गया। 

नगर परिषद में सामने आए करोड़ों के चेक घोटाले में आरोपी निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव को लेकर विजिलेंस की टीम सुबह करीब साढ़े 10 बजे नगर परिषद कार्यालय पहुंची। यहां करीब 15 मिनट तक पूछताछ की। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इमरजेंसी ले जाया गया।
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करीब 11 बजे विजिलेंस की टीम आरोपी अकाउंटेंट सुरेश कुमार और संजय बंसल को लेकर नगर परिषद कार्यालय पहुंची और बंद कमरे में करीब साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान रिकॉर्ड खंगाला गया। एक-एक फाइल विजिलेंस टीम ने वहां खंगाली और कंप्यूटर का डाटा भी जांचा।

हालांकि चर्चाएं ये भी रहीं कि शुरुआत में जब केस उजागर हुआ और पुलिस ने संजय बंसल को पूछताछ के लिए बुलाया तभी नप के कंप्यूटर व अन्य रिकार्ड के साथ छेड़छाड़ की गई। आरोपी सुरेश कुमार तो चार दिन पहले तक भी नगर परिषद कार्यालय में कार्य कर रहा था। ऐसे में रिकॉर्ड खुर्दबुर्द किए जाने की आशंका है। हालांकि विजिलेंस टीम जांच में जुटी है। 

आज कोर्ट में पेश किए जाएंगे रण सिंह और संजय यादव
29 मार्च को चार-चार दिन के रिमांड पर लिए गए आरोपी रण सिंह यादव और तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। दोनों से रिमांड के दौरान पूछताछ के साथ गबन की गई राशि बरामदगी के लिए प्रयास किए जा रहे है और कुछ राशि बरामद भी की गई है। विजिलेंस टीम आगे की पूछताछ के लिए दोनों का फिर से रिमांड ले सकती है।

कुछ निवर्तमान पार्षद भूमिगत, कुछ को हिरासत में लेने की अफवाह
मामले में निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव और तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव की गिरफ्तारी के बाद से कुछ निवर्तमान पार्षद व नगर परिषद में अक्सर रहने वाले कुछ लोग व निवर्तमान चेयरमैन के साथ रहने वाले उसके नजदीकी भूमिगत हो गए हैं। उनके मोबाइल नंबर तक बंद हैं। हालांकि चर्चाएं ये भी रही कि कुछ को विजिलेंस टीम ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। हालांकि इसकी अधिकारियों ने पुष्टि नहीं की।

निष्पक्ष होनी चाहिए घोटाले की जांच
जेजेपी के शहरी निकाय प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी और निवर्तमान पार्षद ईश्वर सिंह मान ने कहा कि नगर परिषद में 14.71 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आ चुका है और जांच अभी जारी है। मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्हें सूचना मिली है कि जिले के कुछ उच्चस्तरीय लोग मामले में मुख्यमंत्री से मिलकर इस मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए और गबन की राशि की रिकवरी होनी चाहिए। इसमें किसी भी नेता की सिफारिश स्वीकार न करके निष्पक्ष जांच की जाए।
 

मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों से हर एंगल से पूछताछ की जा रही है। रिकवरी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अभी कोई नई गिरफ्तारी नहीं की है। जांच में जिन आरोपियों के नाम सामने आएंगे, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। -अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक।

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