हरियाणा के भिवानी में बाल सेवा आश्रम के अधीक्षक मनमोहन गिरि के हत्यारे का 44 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। इस हत्याकांड में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छह टीमें जुटी हुई हैं। बुधवार को मनमोहन गिरि के शव का भिवानी के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। वहीं, हैदराबाद से मृतक की पत्नी, बेटा और बेटी भी भिवानी पहुंचीं। भिवानी के रामबाग में गमगीन माहौल में मनमोहन गिरि का अंतिम संस्कार किया गया।
आश्रम के कर्मचारी हरेंद्र ने बताया कि इस घटना के बाद सभी कर्मचारी सहम गए हैं। मनमोहन गिरि का स्वभाव अच्छा था और कर्मचारियों के प्रति भी वे काफी मिलनसार रहे थे। बुधवार को उनकी पत्नी और बेटा वशिष्ठ गिरि, जो हैदराबाद में आयकर विभाग में निरीक्षक हैं वे यहां पहुंचे।
जबकि मनमोहन गिरि की बेटी सीमा भी यहां पहुंची। पुलिस ने अंतिम संस्कार की रस्म के बाद परिजनों से भी पूछताछ कर हत्या के पीछे वजह जानने की कोशिश की, लेकिन परिजनों को भी उनकी हत्या का कोई आभास नहीं था और न ही किसी से कोई रंजिश की बात सामने आई।
आश्रम में रात को ये कर्मचारी कर रहे थे ड्यूटी
जिस समय मनमोहन गिरि की क्वार्टर नंबर दस में बेरहमी से हत्या हुई, उस दौरान आश्रम में एक चौकीदार, बच्चों के वार्डन व लड़कियों की महिला वार्डन, गेट कीपर ड्यूटी पर थे। इसके अलावा मनमोहन के क्वार्टर नंबर दस के पास ही क्वार्टर नंबर नौ में परचेजर का परिवार भी सो रहा था। आश्रम में 11 लड़के और 20 लड़कियां भी थी। किसी को इस हत्याकांड की भनक तक नहीं लगी।
सात सालों में नहीं हुआ कोई विवाद
मनमोहन गिरि मूलरूप से यूपी के जिला बलिया की तहसील बंशदीन के गांव केवरा केमठिया का रहने वाला था। मनमोहन पहले शहर के रोहतक गेट स्थित एक निजी विद्यालय में बतौर योगा टीचर लंबे अर्से तक तैनात रहे थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने बाल सेवा आश्रम में बतौर सुपरिंटेंडेंट की नौकरी शुरू कर दी थी। यहां रहते हुए उनके साथ कोई विवाद नहीं हुआ। अचानक ही उनकी किसी ने बेरहमी से हत्या कर दी। अब ये सवाल कर किसी को कचोट रहा है।
प्रशासक नियुक्त किए जाने की मांग
हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य सुशील वर्मा ने बाल सेवा आश्रम में पिछले कुछ अर्से से कुप्रबंधन के आरोप लगाते हुए हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ज्योति बैंदा से प्रशासक नियुक्त कराने की मांग की है। उन्होंने अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा है कि आश्रम में अवांछित गतिविधियों की वजह से संस्था बच्चों के हितकर नहीं है। इसमें कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे यहां बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा हो रहा है। ऐसे में बाल सेवा आश्रम में अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम या सीटीएम को प्रशासक नियुक्त कराया जाए।
मनमोहन गिरि के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों से भी जानकारी जुटाई गई है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें हर पहलू पर मामले की जांच में जुटी हैं, जल्द ही हत्यारे को काबू कर मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। - नरेंद्र राणा, एसएचओ, शहर थाना पुलिस भिवानी।