इनदिनों कई राज्यों में चुनावी बिगुल बज चुका है और 2024 में चुनावी आगाज भी होना है। ऐसे में साइबर ठगों के निशाने पर राजनेता भी आ गए हैं। भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह के मोबाइल पर वीडियो कॉल अश्लील क्लिप चलाने का मामला सामने आने के बाद भिवानी पुलिस भी हरकत में आई और मात्र आठ घंटे के अंदर आरोपियों को पकड़ मामले का पटाक्षेप भी कर डाला। लेकिन पुलिस के सामने अब कई ऐसे राज भी खुले हैं, जिनसे इस तरह के छोटे-छोटे गिरोह फलफूल रहे हैं जो तकनीकी का गलत इस्तेमाल कर इसे ठगी का धंधा अपना रहे हैं।
साइबर ठगी करने वाले लगातार नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। इस तरह के गिरोह से हर उम्र और तबके के लोग जुड़े हैं, जिनका इस्तेमाल उनकी काबिलियत और दायरे के हिसाब से किया जा रहा है। अधिकांश वीडियो कॉल में फर्जी दस्तावेजों का सिमकार्ड ही इस्तेमाल होता है। एक बार इस्तेमाल फोन को कई दिन बंद रखा जाता है ताकि आरोपियों तक पुलिस न पहुंच सके। ये दूसरे राज्यों के लोगों के नाम फर्जी सिम कार्ड लाते हैं, मगर वीडियो कॉल से ब्लैकमेल अपने इलाके में ही करते हैं। इससे साइबर पुलिस के रडार पर भी ये इलाके अब आ चुके हैं।
साइबर ठगी में भरतपुर का सीमांत या फिर मेवात का क्षेत्र ज्यादा सक्रिय हो गया है। यहां पर छोटे-छोटे गिरोह बन रहे हैं जो वीडियो कॉल के जरिए अश्लील क्लिप तैयार कर लोगों को ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठने का काम करते हैं। सांसद धर्मबीर सिंह को वीडियो कॉल मामले में पकड़े गए आरोपियों से पता चला कि 17 राज्यों के 250 लोगों से वीडियो कॉल कर ठगी की कोशिश की गई, मगर किसी ने शिकायत पुलिस को नहीं दी। ज्यादातर मामलों में लोग लोकलाज के डर से शिकायत नहीं कर रहे हैं, ऐसा कतई न करें। प्रारंभिक तो अज्ञात वीडियो कॉल उठाने से बचें, अगर ठगी का ऐसा प्रयास किसी के साथ होता है तो वो पुलिस में अपनी शिकायत अवश्य दर्ज कराएं। -वरुण सिंगला, पुलिस अधीक्षक, भिवानी।