हरियाणा के भिवानी में नगर परिषद घोटाले में आरोपी अकाउंटेंट संजय गोयल और सुरेश कुमार पर पुलिस कार्रवाई के साथ अब विभागीय गाज भी गिर गई है। दोनों आरोपियों को शहरी निकाय निदेशालय के निदेशक ने निलंबित कर दिया है। साथ ही आरोपों में जेल में गए तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी (ईओ) संजय यादव पर भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद में पूर्व पार्षद सुदर्शन जिंदल की शिकायत के बाद करोड़ों का चेक घोटाला सामने आया। पहले जिसे दो करोड़ का घोटाला बताया जा रहा था, पुलिस जांच में करीब 14 करोड़ से ज्यादा का घोटाला उजागर हो चुका है। इसके और ज्यादा होने के आसार हैं।
वहीं विभिन्न संगठन 450 करोड़ से अधिक के घोटाले के आरोप लगा रहे हैं। चेक के साथ जमीन घोटाला भी है, जिसमें नगर परिषद की करोड़ों की जमीन गलत तरीके से निजी लोगों के नाम कर दी गई। इतना ही नहीं पुरानी हवेलियों केेे भी मालिक बदल दिए गए।
इस मामले में पुलिस अब तक निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव, कार्यकारी अधिकारी संजय यादव, अकाउंटेंट संजय गोयल व सुरेश के अलावा एक्सिस बैंक के सेल्स मैनेजर नितेश और तीन अन्य को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें रण सिंह यादव और संजय यादव को छोड़ सभी आरोपियों से रिकवरी भी हुई। सभी आरोपियों को पुलिस रिमांड के बाद जेल भेजा गया है और स्टेट विजिलेंस की एसआईटी मामले की जांच कर रही है।
मामले में विभिन्न सामाजिक संगठन आरोपी नप अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त करने की मांग कर रहे थे। लंबे समय तक अनुपस्थित रहने और फिर पुलिस की ओर से गिरफ्तारी किए जाने की रिपोर्ट नप अधिकारियों ने शहरी निकाय निदेशालय को भेजी थी।
इसके आधार पर शहरी निकाय निदेशालय के निदेशक दुश्मंता कुमार ने अकाउंटेंट सुरेश कुमार और अकाउंटेंट संजय बंसल को निलंबित किया। साथ ही आरोपी तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव पर भी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
दिल्ली से दो फर्म मालिक गिरफ्तार, भेजे जेल
विजिलेंट टीम ने इस मामले में दो आरोपियों को शुक्रवार शाम को नई दिल्ली की झिलमिल कॉलोनी निवासी ललित कुमार और इसी कॉलोनी में रहने वाले गुलशन कुमार को गिरफ्तार किया। दोनों फरार चल रहे आरोपी विनोद के संपर्क में थे। दोनों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है।
विनोद और ललित खोलेंगे कई राज
मामले में सबकी नजर आरोपी व्यापारी विनोद और नगर परिषद के निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव के पीए ललित यादव की गिरफ्तारी पर टिकी है। दोनों ही आरोपियों से अनेक राज खुलने की उम्मीद है। ललित से जहां नगर परिषद के अंदर के खेल का खुलासा होगा। वहीं विनोद बाहर की सारी व्यवस्थाएं बता सकता है।