सहारा इंडिया कंपनी के 14 अधिकारियों के खिलाफ भिवानी के सिविल लाइन पुलिस थाने में अमानत में खयानत व धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। भिवानी में करीब दो हजार जमाकर्ताओं का 30 करोड़ रुपये का भुगतान भी रुक गया।
जमाकर्ताओं ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और गृहमंत्री अनिल विज को की थी। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस थानों में केस दर्ज हुआ। कंपनी के खिलाफ अंबाला, नारनौल और यमुनानगर में भी धोखाधड़ी के केस दर्ज हुए हैं। जिसके बाद भिवानी में भी केस दर्ज हुआ है।
सिविल लाइन पुलिस थाने में दी शिकायत में भिवानी के लोहड़ बाजार क्षेत्रवासी वेदप्रकाश ने बताया कि सहारा इंडिया के भिवानी के पुराना बस स्टैंड क्राउन प्लाजा स्थित कार्यालय में करीब दो हजार जमाकर्ता कई सालों से रुपये जमा करा रहे थे। इन लोगों का करीब 30 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है, लेकिन कंपनी के अधिकारी इस पैसे को जमा कर्ताओं को लौटाने की बजाय बहानेबाजी कर रहे हैं और झूठा आश्वासन दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कंपनी में अपनी खून पसीने की कमाई को जमा कराने वाले अधिकतर गरीब तबके के लोग हैं, जिन्होंने अपना पेट काटकर अपने बच्चों के भविष्य के लिए कंपनी में पैसा जमा कराया था। मगर अब कंपनी ने इन लोगों को कोई भुगतान नहीं किया है।
वेदप्रकाश ने बताया कि सहारा इंडिया कंपनी के खिलाफ अभिकर्ताओं के पैसे का भुगतान नहीं किए जाने पर अंबाला कैंट में भी 12 जुलाई व नारनौल में 27 अगस्त को धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। इसी तरह यमुनानगर में भी सहारा इंडिया के खिलाफ चार सितंबर को धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। केस दर्ज होने के बाद कंपनी के अधिकारियों ने दस दिन के अंदर राशि भुगतान का आश्वासन दिया था।
उन्होंने बताया कि देशभर में कंपनी के खिलाफ काफी केस दर्ज हुए हैं। उसने बताया कि कंपनी के अधिकारियों ने आपस में साजबाज होकर षड्यंत्र के तहत जमाकर्ताओं के करोड़ों रुपये हड़पे हैं। सिविल लाइन पुलिस थाना एसएचओ रमेशचंद्र ने बताया कि वेदप्रकाश की शिकायत पर सहारा इंडिया के 14 अधिकारियों के खिलाफ अमानत में खयानत व धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है।